रविवार, 26 नवंबर, 2006 को 09:15 GMT तक के समाचार
इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं ने कहा कि वे ग़ज़ा में संघर्ष विराम के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने घोषणा की कि फ़लस्तीनी इलाक़े से रॉकेट दागे जाने के बावजूद इसराइल संयम बरतेगा. दरअसल हमले से संघर्ष विराम पर ख़तरा उत्पन्न हो गया था.
हमास नेता इस्माइल हानिया ने भी स्पष्ट किया कि फ़लस्तीनी गुटों ने भी साफ़ कर दिया है कि वे संघर्ष विराम पर कायम रहेंगे.
ग़ौरतलब है कि मध्य पूर्व में गज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी लड़ाकों और इसराइल के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने इसराइल पर फिर रॉकेट हमले किए हैं.
दोनो पक्षों के बीच कई महीनों से जारी झड़पों के बाद फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने घोषणा की थी कि उन्होंने विभिन्न फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों को गज़ा में इसराइल के साथ संघर्ष विराम के लिए राज़ी कर लिया है.
इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट की प्रवक्ता मिरी आइसिन ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की थी कि इसराइल ने इसे स्वीकार कर लिया है. अमरीका ने भी इसका स्वागत किया था.
लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद इसराइल पर तीन रॉकेट दागे गए जिनमें से एक स्डेरोट नगर पर गिरा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.
विरोध
हमास के सैन्य विभाग इस्लामिक जेहाद ने कहा कि इस हमले के लिए वह ज़िम्मेदार है. उसका कहना था कि इसराइल की गज़ा से सैनिक हटाने की घोषणा के बावजूद वहाँ अब भी कुछ सैनिक मौजूद हैं.
इस्लामिक जेहाद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वह किसी संघर्षविराम पर अपनी सहमति तब तक नहीं देगा जब तक पश्चिमी तट में सैन्य गतिविधियाँ जारी रहती हैं.
इससे पहले इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट की प्रवक्ता ने कहा था कि महमूद अब्बास और एहुद ओल्मर्ट ने शनिवार रात फ़ोन पर बात की और दोनों ओर से सहमति बनी कि रविवार को स्थानीय समय के अनुसार छह बजे से संघर्ष विराम लागू हो जाए और ऐसा हुआ भी.
प्रवक्ता के अनुसार महमूद अब्बास ने कहा कि उनसे सभी चरमपंथी गुटों ने वादा किया है कि वे गज़ा क्षेत्र से इसराइस पर कोई हमला नहीं करेंगे.
उनका कहना था कि इसराइली प्रधानमंत्री ने भी इसे स्वीकार करते हुए कहा है कि इसराइली सेनाएँ किसी कार्रवाई की शुरुआत नहीं करेंगी.
ग़ौरतलब है कि एहुद ओल्मर्ट का कहना था कि यदि युद्धविराम लागू हो जाता है तो गज़ा से इसराइली सैनिकों को हटाने में कुछ समय लग सकता है.
प्रवक्ता मिरी आइसिन के अनुसार एहुद ओल्मर्ट ने कहा था कि यह क्षेत्र में स्थायित्व लाने का एक मौक़ा है और वे इसे गँवाना नहीं चाहेंगे.