रविवार, 26 नवंबर, 2006 को 14:28 GMT तक के समाचार
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने देश की ख़राब होती सुरक्षा स्थिति के लिए राजनेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इराक़ी राजनेता देश में चल रही हिंसा को रोक सकते हैं और वही इसे बदतर भी बना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि देश के राजनेता इराक़ को संकट से निकाल सकते हैं लेकिन उन्हें इसके लिए सहमत होना पड़ेगा कि इस युद्ध में कोई भी विजेता नहीं होगा.
इस बीच गुरुवार और शुक्रवार की हिंसा के बाद राजधानी बग़दाद में कर्फ़्यू जारी है. उस दौरान हिंसा की घटनाओं में 230 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
दूसरी ओर इराक़ में मौजूद अमरीकी सेना ने कहा है कि बग़दाद के पश्चिम में स्थित अनबार प्रांत में क़बायली लड़ाकों की मदद के लिए लड़ाकू विमानों और तोपों से हमले किए हैं.
उधर अमरीकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा है कि अमरीकी सरकार की एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ में विद्रोही वित्तीय रूप से काफ़ी सक्षम हो गए हैं और वे अपने दम पर ऐसा कर रहे हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ी विद्रोही गुट एक साल में सात करोड़ से लेकर 20 करोड़ डॉलर तक की राशि इकट्ठा कर रहे हैं और ये सब हो रहा है तेल की तस्करी और अपहरण से.
घटनाएँ
इस बीच इराक़ में हिंसा की घटनाएँ जारी हैं. अमरीकी सेना के मुताबिक़ अनबार प्रांत में अबू सोदा क़बीले पर अल क़ायदा विद्रोहियों ने हमला किया था. अबू सोदा क़बीले के लोग इराक़ी सरकार का समर्थन करते हैं.
अमरीकी सेना ने कहा कि अल क़ायदा विद्रोहियों ने हमला कर कई क़बायली लोगों को मार दिया और कई के घर जला दिए थे.
क़बायली सूत्रों का दावा है कि संघर्ष के दौरान कम से कम 45 अल क़ायदा चरमपंथी और नौ क़बायली लड़ाकों की मौत हो गई.
एक दूसरी घटना में बग़दाद के दक्षिण में स्थित हस्वा शहर के एक बाज़ार में हुए कार बम विस्फोट में कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई.
इस बीच इराक़ी प्रशासन ने राजधानी बग़दाद में पिछले दिनों हुई व्यापक हिंसा के बाद श़हर में कर्फ़्यू को सोमवार तक बढ़ा दिया है. हिंसा में 230 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
बग़दाद हवाई अड्डा बंद होने की वजह से राष्ट्रपति जलाल तालबानी को अपना ईरान का बहू-प्रतीक्षित दौरा भी टालना पड़ा है.
इराक़ में सुरक्षा की स्थिति पर बातचीत के लिए राष्ट्रपति तालबानी का ईरानी के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेज़ाद से मिलना लंबे समय से तय था.
राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि हवाई अड्डा खुल जाने पर राष्ट्रपति अपनी यात्रा पर जाएँगे.
दूसरी ओर अमरीकी उप-राष्ट्रपति डिक चिनेय मध्य पूर्व और खासकर इराक़ की स्थिति पर सऊदी अरब के शाह अब्दुल्लाह से बातचीत के लिए रियाद पहुँच गए हैं.
इस बीच शनिवार को प्रमुख सुन्नी मौलवी और इराक़ी मुस्लिम बुद्धिजीवी संस्थान के प्रमुख हारिथ अल-दारी ने अरब देशों से अपील की कि वे इराक़ सरकार को दी गई मान्यता वापस ले लें.