शनिवार, 25 नवंबर, 2006 को 14:32 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, भोपाल
मध्यप्रदेश में ऊँची जाति के एक युवक पर एक 15 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की को ज़िंदा जलाने का आरोप लगा है.
पुलिस का कहना है कि छोटे सिंह राजपूत नाम के इस व्यक्ति ने आशाबाई कटिया को मिट्टी तेल डालकर इसलिए जला दिया क्योंकि वह छोटे सिंह के ख़िलाफ़ बलात्कार के मामले में अपना बयान बदलने को तैयार नहीं थी.
होशंगाबाद के सहलवाड़ा गांव के छोटे सिंह राजपूत के ख़िलाफ़ अपने ही गांव की 15 वर्षीय आशाबाई के साथ बलात्कार का मुक़दमा पिछले एक वर्ष से चल रहा था.
पुलिस उप-अधीक्षक जेएस जग्गी ने कहा कि गत मंगलवार को छोटे सिंह ने आशाबाई से यह मुक़दमा वापस लेने की बात कही.
आशाबाई ने बयान बदलने और मामला वापस लेने से इनकार कर दिया. इसपर छोटे सिंह ने उसी रात आशाबाई के घर जाकर उस पर मिट्टी तेल गिराकर आग लगा दी.
इसी गाँव के नरेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि गाँव के लोग शोर-शराबा सुनकर जब वहाँ पहुँचे तो देखा कि झोपड़ी में आग लगी थी, जिसे उन्होंने बुझाया और फिर लड़की को अस्पताल ले जाया गया.
आरोप
हालाँकि राजपूत समाज घटनास्थल पर छोटे सिंह के मौजूद होने की बात से इनकार कर रहा है लेकिन अस्पताल में मौत से पहले आशाबाई ने पुलिस को दिए अपने बयान में छोटे सिंह पर ही आग लगाने का आरोप लगाया था.
पुलिस ने छोटे सिंह के ख़िलाफ़ हत्या और अनुसुचित जाति विशेष क़ानून के तहत मुक़दमा दर्ज किया है.
पिछले कुछ समय में राज्य में महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रहे अत्याचारों और हिंसा की वारदातों में तेज़ी आई है.
होशंगाबाद की घटना के चंद दिनों पहले ही एक व्यक्ति ने कोमलबाई नाम की एक महिला की झोपड़ी में इसलिए आग लगा दी थी क्योंकि इस महिला की गाय ने उस व्यक्ति के खेत में घुसकर फसल बर्बाद कर दी थी.