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शुक्रवार, 24 नवंबर, 2006 को 10:10 GMT तक के समाचार

बग़दाद में मृतकों की संख्या 200 के पार

इराक़ की राजधानी बग़दाद में पुलिस का कहना है कि गुरूवार को हुए बम विस्फोटों में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो सौ से ज़्यादा हो गई है.

पुलिस के मुताबिक 250 से भी ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. बम हमलों के बाद सुन्नी इलाक़ों में मोर्टार हमले भी किए गए.

एपी के मुताबिक सुन्नियों की अबू हनिफ़ा मस्जिद पर मोर्टार से हमला हुआ जिसमें 10 लोग मारे गए.

प्रशासन ने पूरे बग़दाद में अनिश्चित काल का कर्फ़्यू लगा दिया है और बग़दाद से सभी व्यावसायिक उड़ानों पर रोक लगा दी गई है.

बसरा के हवाई और समुद्री बंदरगाहों को भी बंद कर दिया गया है.

इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी मलिकी ने लोगों से शांत रहने की अपील की है.

हमले की निंदा

इराक़ पर मार्च 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से इस हमले को सबसे भीषणतम बम धमाकों में से एक बताया जा रहा है.

उधर एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इराक़ के शिया, सुन्नी और कुर्द समुदायों ने संयुक्त पत्रकारवार्ताएँ कीं और शांति की अपील की.

इराक़ में शिया नेता अयातुल्ला अली सिस्तानी ने लोगों से संयम बरतने को कहा है.

वहीं व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका इस तरह की घटना की निंदा करता है और इसका मकसद शांतिपूर्ण और स्थिर इराक़ की लोगों की आंकक्षा को धक्का पहुँचाना है.

ब्रिटेन की विदेश मंत्री ने भी इस हमले की निंदा की है.

अस्पतालों में भीड़

हमले के बाद सद्र सिटी की सड़कों पर अफ़रातफ़री फैल गई. सद्र सिटी शिया बहुल इलाक़ा है.

सद्र सिटी के ज़्यादातर इलाक़ों में मेहदी सेना का नियंत्रण है.

यहाँ चंद मिनटों के अंतराल में कई कार बम धमाके हुए थे जिनमें से तीन आत्मघाती हमले माने जा रहे हैं.

हताहतों की ज़्यादा संख्या के चलते अस्पतालों और यातायात साधनों पर दबाव बढ़ गया है.

सद्र सिटी के अस्पतालों में घायलों को भर्ती करवाया गया और कई लोगों को तो बरामदे में ही भर्ती किया गया है.

इराक़ के स्वास्थ्य मंत्री अली अल शम्मारी ने हमले के लिए सुन्नियों और बाथ पार्टी के समर्थकों को ज़िम्मेदार ठहराया.

बुधवार को ही संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट में कहा था कि अक्तूबर में इराक़ में करीब 3700 आम लोगों की जान गई है.