शुक्रवार, 24 नवंबर, 2006 को 00:08 GMT तक के समाचार
गुरुवार को इराक़ की राजधानी बग़दाद में हुए एक के बाद एक कई विस्फोटों में 160 से ज़्यादा लोगों के मौत हो गई और क़रीब दो सौ लोग घायल हो गए.
इसके बाद पूरे बग़दाद में अनिश्चित काल का कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
वर्ष 2003 में अमरीका के नेतृत्व में इराक़ पर हुए हमलों के बाद से 23 नबंवर 2006 का दिन सबसे तबाही वाला दिन रहा.
विस्फोट शिया बहुल इलाक़े सद्र में हुए.
वहाँ एक के बाद एक तीन आत्मघाती कार बम हमले हुए. इसके अलावा कई मोर्टार भी दागे गए.
संवाददाताओं का कहना है कि हमलावरों ने अपने निशाने एहतियात के साथ चुने थे.
एक हमला व्यस्त चौराहे पर हुआ तो दूसरा फल बाज़ार में तो तीसरा बस स्टैंड में.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट इतने ज़बर्दस्त थे कि पूरी सड़क ही तबाह हो गई और आग की ऊँची-ऊँची लपटों के साथ-साथ धुएँ का गुबार उठने लगा.
बम धमाकों के बाद लोगों में अफ़रा-तफ़री मच गई और दहशत में लोग इधर-उधर भागने लगे.
इसके बाद शिया मुसलमानों ने सुन्नियों के प्रति अपने ग़ुस्से का इज़हार करते हुए हवा में गोलियाँ चलाईं.
इसके अलावा शियाओं के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय पर भी कुछ बंदूकधारियों ने हमला कर दिया. लेकिन सरकारी फ़ौजों और अमरीकी सेना के साथ तीन घंटे चली गोलीबारी के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा है.
अपील
इस भीषण घटना के बाद अप्रत्याशित एकता दिखाते हुए शिया, सुन्नी और कुर्द राजनीतिज्ञों ने एक संयुक्त पत्रकारवार्ता बुलाकर पूरे इराक़ में शांति बनाए रखने की अपील की है.
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने विस्फोटों को सद्र सिटी के लोगों के प्रति अपराध करार देते हुए इराक़ के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
उधर कर्फ़्यू लगाने के बाद से बग़दाद की सड़कों पर सन्नाटा है और सभी व्यावसायिक उड़ानें रद्द कर दी गईं हैं.
इराक़ से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चिंता की जा रही है कि पहले से ही हिंसा से त्रस्त इराक़ में अब बदलों का दौर शुरु हो सकता है.
इस बीच अमरीकी नौसेना के तीन जवान पश्चिमी इराक़ में मारे गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा था इराक़ में मारे गए लोगों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुँच गई है. सिर्फ़ अक्तूबर में वहाँ 3700 लोग मारे गए हैं.