मंगलवार, 21 नवंबर, 2006 को 12:32 GMT तक के समाचार
सीरिया और इराक़ क़रीब दो दशकों की अदावत के बाद एक बार फिर अपने बीच कूटनीतिक संबंध बहाल करने पर राज़ी हुए हैं.
इराक़ के विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी और सीरिया के विदेश मंत्री वलीद मुअल्लिम ने दोनों देशों के बीच सभी तरह के कूटनीतिक संबंध बहाल करने पर इस सहमति की घोषणा इराक़ की राजधानी बग़दाद में मंगलवार को की.
संवाददाताओं का कहना है कि इराक़ को अब उम्मीद है कि इस क़दम से सीरियाई सीमा के पार से आने वाले चरमपंथियों की संख्या पर क़ाबू पाया जा सकेगा.
इराक़ और सीरिया के बीच संबंधों में 1982 में कड़वाहट आ गई थी. उस समय इराक़ में सद्दाम हुसैन का शासन था और इराक़-ईरान युद्ध को शुरू हुए कुछ ही समय हुआ था.
सीरिया और इराक़ में बाथ पार्टियों की अलग-अलग शाखाओं का शासन रहा है और तब से दोनों ही पार्टियों का रुख़ एक दूसरे का विरोधी रहा है.
सीरियाई विदेश मंत्री वलीद मुअल्लिम गत रविवार को इराक़ पहुँचे थे और मार्च 2003 में इराक़ पर अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से इराक़ का दौरा करने वाले वह अभी तक के सबसे ऊँचे पदाधिकारी हैं.
इराक़ सरकार के प्रवक्ता अली अल दब्बाग़ ने इस क़दम को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया है.
इराक़ी विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने कहा कि दोनों देश सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सहयोग करने पर सहमत हुए हैं. दोनों देश इस पर भी सहमत हुए हैं कि देश में अमरीकी सेनाओं को तब तक ठहरने की इजाज़त दी जाएगी जब तक कि उनकी ज़रूरत रहेगी.
तेज़ घटनाक्रम
इराक़ और सीरिया के बीच यह राज़ीनामा ऐसे समय में हुआ है जब इराक़ में स्थिति को स्थिर बनाने के लिए ईरान और सीरिया की मदद लिए जाने के लिए प्रयास तेज़ हुए हैं.
इससे पहले इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने शनिवार को ईरान जाने का न्यौता भी स्वीकार किया है.
इस तरह की ख़बरें मिली हैं कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद भी ईरान का दौरा कर सकते हैं लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है.
अमरीकी सरकार ने इराक़ी राष्ट्रपति तालाबानी की प्रस्तावित ईरान यात्रा की ख़बरों का सतर्कता भरा स्वागत किया है लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि अमरीका में सात नवंबर को हुए मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति बुश को झटका लगने के बाद से अमरीकी प्रशासन मध्य पूर्व की कूटनीति के लिए ज़्यादा लचीला रहा है.
इस तरह के प्रस्ताव पर भी व्यापक रूप से विचार किया जा रहा है कि इराक़ में हिंसा को रोकने के उपायों के तहत अमरीका सीरिया और ईरान से सीधे तौर पर बातचीत करे.
लेकिन बग़दाद में बीबीसी संवाददाता डेविड लॉयन का कहना है कि अब ऐसा लगता है कि घटनाक्रम तेज़ी से बढ़ रहा है, शायद उतनी तेज़ी से जितनी कि इस स्तर पर अमरीका और ब्रिटेन ने अपेक्षा की होगी.