मंगलवार, 21 नवंबर, 2006 को 15:47 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से लेबनान के उद्योग मंत्री और प्रमुख ईसाई नेता पियेर जमाएल की हत्या की निंदा की है.
मंगलवार को कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी गोली मार कर हत्या कर दी थी.
चौंतीस वर्षीय पियेर जमाएल एक प्रमुख सीरिया-विरोधी राजनीतिज्ञ थे. उन्हें बेरुत के एक ईसाई बहुल इलाक़े में गोली मारी गई.
महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पूर्व लेबनानी प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के मामले में संदिग्ध लोगों पर विशेष अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाए जाने की योजना को भी मंज़ूरी दे दी है.
सीरिया पर आरोप
पियेर जमाएल को गोली लगने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहाँ पहुँच कर उन्होंने दम तोड़ दिया.
यह घटना ऐसे समय घटी है जब हाल ही में लेबनानी कैबिनेट के छह सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
बंदूक़धारियों ने पियेर जमाएल के क़ाफ़िले पर तब गोली चलाई जब वह सिन एल फ़िल इलाक़े से गुज़र रहे थे.
देश के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ अल हरीरी के बेटे साद हरीरी ने इस ख़बर की पुष्टि की. रफ़ीक़ हरीरी की भी पिछले वर्ष एक विस्फोट में मृत्यु हो गई थी.
लेबनान में कई लोगों ने हरीरी की हत्या के लिए सीरिया को दोषी ठहराया था.
साद हरीरी भी संसद में सीरिया-विरोधी बहुमत के नेता हैं और उन्होंने पियेर जमाएल की हत्या के लिए भी सीरिया को ही दोषी ठहराया है.
सीरिया ने निंदा की
हालाँकि सीरिया ने इस हत्या की भर्त्सना की है और हमले को एक घृणित अपराध बताया है.
सरकारी समाचार एजेंसी सना का कहना है, "सीरिया इस हमले की तीव्र भर्त्सना करता है2.
हत्या के बाद पश्चिमी देशों की प्रतिक्रियाएँ भी आने लगी हैं.
अमरीकी विदेश उपमंत्री निकोलस बर्न्स का कहना है, "हम इस हत्या पर स्तब्ध हैं. हम इसे आतंकवाद और डराने धमकाने की कार्रवाई मानते हैं".
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना है कि हत्या का कोई औचित्य नहीं है.
उन्होंने कहा, "हम इस हमले की पूरी तरह भर्त्सना करते हैं. हमें लेबनान में लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए वह सब कुछ करने की ज़रूरत है जो हम कर सकें".