शुक्रवार, 17 नवंबर, 2006 को 00:28 GMT तक के समाचार
इराक़ी सरकार ने जातिवादी हिंसा भड़काने के आरोपों के बाद देश के प्रमुख विद्वानों में से एक हरिथ अल-धारी की गिरफ़्तारी के लिए वारंट जारी किए हैं.
धारी सुन्नी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और मुस्लिम विद्वानों के प्रभावशाली संगठन के सदस्य हैं.
वे शियाओं के दबदबे वाली इराक़ सरकार और इराक़ में अमरीकी सेना की मौजूदगी की खुली निंदा करते रहे हैं.
अल-धारी ने सरकार के उस फ़ैसले का भी विरोध किया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार चरमपंथ छोड़ देने वाले लोगों के साथ नरमी से पेश आएगी.
उनके इस बयान के लिए प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने उनकी सार्वजनिक रुप से निंदा की थी.
प्रधानमंत्री के इस बयान के दो दिन बाद ही आतंरिक सुरक्षा मंत्रालय की ओर से अल-धारी पर जातीय हिंसा और चरमपंथ भड़काने के आरोप लगाए हैं.
अल-धारी अक्सर इराक़ से बाहर पड़ोसी सुन्नी देशों की यात्राएँ करते रहते हैं और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस समय इराक़ में हैं या नहीं.