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मंगलवार, 14 नवंबर, 2006 को 11:14 GMT तक के समाचार

रम्सफ़ेल्ड पर युद्धापराध जाँच की माँग

अंतरराष्ट्रीय वकीलों के एक दल ने जर्मनी में एक याचिका दायर करके माँग की है कि पूर्व अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड और अआन्य वरिष्ठ अमरीकी अधिकारियों के ख़िलाफ़ लगे युद्धापराधों के आरोपों की जाँच की जाए.

इसी तरह की एक याचिका दो साल पहले भी दायर की गई थी लेकिन कोई आपराधिक मुक़दमा शुरू नहीं हुआ था.

बर्लिन में बीबीसी संवाददाता स्टीव रोज़ेनबर्ग का कहना है कि यह याचिका उन बारह लोगों की तरफ़ से दायर की गई है जो ख़ुद को प्रताड़ना का शिकार बताते हैं.

इन बारह लोगों में 11 ऐसे इराक़ी हैं जिन्हें बग़दाद की अबू ग़रेब जेल में बंदी बनाकर रखा गया था और एक सऊदी अरब का नागरिक मोहम्मद अल क़हतानी है जिसे ग्वांतनामो बे में अमरीकी शिविर में बंदी बनाकर रखा गया.

इस याचिका को दायर करने वाले वकीलों के अंतरराष्ट्रीय दल ने आरोप लगाया है कि अमरीका के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने आतंकवाद के संदिग्ध लोगों से पूछताछ के दौरान प्रताड़ना के तरीकों का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी थी.

इस दल का आरोप है कि उन वरिष्ठ अधिकारियों में पूर्व अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड, अमरीकी अटोर्नी जनरल अलबर्तो गोंज़ालेज़ और सीआईए के पूर्व निदेशक जॉर्ज टेनेट भी शामिल थे.

यह याचिका जर्मनी में इसलिए दाख़िल की गई है क्योंकि वहाँ का क़ानून दुनिया भर में कहीं भी हुए युद्धापराधों के लिए मुक़दमा चलाने की इजाज़त देता है.

इसी तरह की याचिका दो साल पहले भी दायर की गई थी लेकिन जर्मनी के अभियोजकों ने उस पर मुक़दमा चलाने से इनकार कर दिया था.

लेकिन अब मानवाधिकारों से जुड़े वकीलों ने आपराधिक जाँच की यह कहते हुए माँग की है कि इस बार उनके पास अमरीकी युद्धापराधों के बारे में ज़्यादा ठोस सबूत हैं.