सोमवार, 13 नवंबर, 2006 को 02:39 GMT तक के समाचार
अमरीका ने संकेत दिए हैं कि अपनी पिछली नीति बदलते हुए बुश प्रशासन इराक़ के भविष्य के बारे में ईरान और सीरिया से बातचीत कर सकता है.
अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय के 'चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़' जोशुआ बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश उन सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार हैं जो 'इराक़ स्टडी ग्रुप' उनके सामने रखता है.
'इराक़ स्टडी ग्रुप' इराक़ के बारे में राष्ट्रपति के विशेष सलाहकारों का गुट है जिसमें पूर्व विदेश मंत्री जेम्स बेकर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं.
उधर अमरीका में सीरिया के राजदूत इमाद मुस्तफ़ा ने बीबीसी को बताया है कि सीरिया की सरकार इराक़ में स्थिति बेहतर करने के लिए भूमिका निभाने का तब तक स्वागत करेगी जब तक इराक़ी लोग ये चाहते हैं.
लेकिन सीरिया का ये भी कहना था कि इससे पहले अमरीका को ये मानना होगा कि इराक़ में उसकी नीति असफल रही है और उसे अन्य विकल्पों पर विचार करना है.
ग़ोरतलब है कि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने अपने मंत्रियों के काम से संतुष्ट न होने की बात की है और कहा है कि वे जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल करने की योजना बना रहे हैं.
रविवार को इराक़ी संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने उन लोगों की आलोचना की 'जो सरकार से ज़्यादा अपनी पार्टी और धार्मिक गुटों के प्रति वफ़ादार हैं.'
'ब्लेयर से हिमायत'
महत्वपूर्ण है कि 'इराक़ स्टडी ग्रुप' सोमवार को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से बैठक करेगा.
इस गुट के कई सदस्य इस विचार के पक्ष में है कि इराक़ के संबंध में ईरान और सीरिया से बातचीत की जाए.
माना जा रहा है कि ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का समर्थन भी उन्हें
मिल सकता है.
ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को विदेश नीति पर दिए जाने वाले एक भाषण में प्रधानमंत्री ब्लेयर एक ऐसी मध्य पूर्व रणनीति की बात कर सकते हैं जिसमें ईरान और सीरिया की सरकारों को शामिल किया जाए.
उनके अनुसार वे ऐसा व्यापक मध्य पूर्व शांति समझौते और इराक़ में शांति कायम करने के प्रयासों के तहत कर सकते हैं.