रविवार, 12 नवंबर, 2006 को 04:20 GMT तक के समाचार
इराक़ की पुलिस ने बताया है कि राजधानी बग़दाद में कुछ छोटी बसों पर बंदूकधारियों ने हमला किया है जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई है.
यह हमला बग़दाद के दक्षिणी इलाके में हुआ है. इस कार्रवाई में क़रीब 50 लोगों को अगवा कर लिया गया है.
इराक़ी पुलिस ने बीबीसी को बताया कि यह हमला यूसुफ़िया कस्बे में हुआ है जहाँ हमलावरों ने कुछ छोटी बसों को अपना निशाना बनाया.
जानकारी के मुताबिक यह एक सुन्नी बाहुल इलाक़ा है जहाँ पहले भी अमरीकी सुरक्षा बलों और शिया समुदाय के लोगों पर हमले होते रहे हैं.
यह क्षेत्र इराक़ के उन इलाकों में आता है जहाँ पिछले कुछ समय में हिसा की घटनाओँ में तेज़ी आई है. इन क्षेत्र में सुन्नी विद्रोहियों का प्रभाव क़ायम है.
घटनास्थल से मिल रही ख़बरों के मुताबिक एक फ़र्जी चेकपोस्ट पर इन बसों को रोका गया और इनपर हमला किया गया.
हिंसा का दौर
इससे पहले बग़दाद शहर के शोरजा बाज़ार में दो बम विस्फोट हुए जिनमें कम से कम आठ लोगों की जानें चली गईं.
इन विस्फोटों के लिए कार बम का इस्तेमाल किया गया. दोनों ही धमाके लगभग एक ही समय में हुए हैं.
बग़दाद स्थित शोरजा का व्यस्त बाज़ार इससे पहले भी हिंसा की कई घटनाओं को झेल चुका है.
उधर अमरीकी अधिकारियों ने घोषणा की है कि अपहृत अमरीकी सैनिक को ढूँढ निकालने वाले को 50,000 अमरीकी डॉलरों का ईनाम दिया जाएगा.
इराक़ में पिछले दिनों सद्दाम हुसैन को फाँसी की सज़ा सुनाए जाने के बाद से हिंसा की घटनाओं में तेज़ी आई है.
इस बात का अंदाज़ा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि हिंसा की घटनाओँ में पिछले चार दिनों में इराक़ में सौ से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.
गुरुवार को बग़दाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी.
रणनीति पर सवाल
इराक़ की बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित कर पाने में देश और अमरीका के प्रशासन को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
अमरीका में सेना और व्हाइट हाउस की ओर से ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि इराक़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए अमरीका अपनी इराक़ नीति पर पुनर्विचार कर सकता है.
सेना के कुछ अधिकारी इराक़ में अमरीकी अभियान की समीक्षा में लगे हुए हैं.
जानकारों के मुताबिक अमरीका जल्द ही अपनी इराक़ नीति में कुछ परिवर्तन करने की घोषणा भी कर सकता है.