शनिवार, 11 नवंबर, 2006 को 19:03 GMT तक के समाचार
चीन में कुत्ते पालने संबंधी नियमों को सख्त बनाने का विरोध शुरू हो गया है.
इस नए नियम के ख़िलाफ़ बीजिंग में लगभग दो सौ जमा हुए और उन्होंने प्रदर्शन किया.
पिछले दिनों सरकार ने कुत्तों से फैलने वाली बीमारी रेबीज़ को रोकने के लिए कुत्ते पालने संबंधी नियमों को कड़ा कर दिया था और कई तरह के नई शर्तें लगा दी हैं.
इन शर्तों में एक घर में एक कुत्ते से अधिक रखने पर पाबंदी है. साथ ही कुत्ते की अधिकतम ऊँचाई 35 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होने जैसी शर्ते शामिल हैं.
चीन की अर्थव्यवस्था में लगातार आती मज़बूती और लोगों के बढ़ते वेतन का असर लोगों की जीवन शैली पर पड़ा है. यहाँ के लोगों में कुत्ते पालने का रुझान बढ़ा है.
लेकिन इस नए नियम को लेकर लोगों में नाराज़गी है और उन्होंने इस नियम को अमानवीय बताया है.
प्रदर्शनकारी खिलौने वाले जानवरों को लेकर सड़कों पर उतर आए और इस क़ानून के प्रति अपना विरोध जताया.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस नए नियम के लागू होने से बड़े पैमाने पर कुत्तों को भगाना होगा जिससे गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी.
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, " हमें उम्मीद है कि कुत्तों को इस तरह नुक़सान पहुँचाने और मारने के ख़िलाफ़ हमारे प्रयासों का दुनिया समर्थन करेगी."
दूसरी तरफ़ सरकार का मानना है कि कुत्तों की बढ़ती आबादी से रेबीज़ जैसी ख़तरनाक बीमारियों में काफ़ी वृद्धि हुई है.
चीन में ज़्यादातर पालतू कुत्ते अपंजीकृत हैं और इनमें से अधिकतर को टीके भी नहीं लगाए जाते हैं.