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गुरुवार, 09 नवंबर, 2006 को 04:27 GMT तक के समाचार

सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त

अमरीका में संसद के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति बुश को दूसरा झटका लगा है और डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट पर भी अपना नियंत्रण बना लिया है.

सीनेट के लिए अभी तक 99 प्रतिशत मतगणना पूरी होने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी जिम वेब रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी जॉर्ज एलेन से सात हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं.

ऊपरी सदन यानी सीनेट पर नियंत्रण के लिए दोनों दलों के बीच काँटे की टक्कर थी. हालाँकि उनकी जीत की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है.

इससे पहले निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हो चुका है.

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत की आधिकारिक घोषणा अगर हो जाती है तो 1994 के बाद से डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए यह पहला मौक़ा होगा जब उनका अमरीकी संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण होगा.

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सीनेट के लिए रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी जॉर्ज एलेन मतगणना दोबारा कराने की माँग करेंगे या नहीं.

यदि ऐसा होता है तो इस वर्ष दिसंबर आख़िर तक ही अंतिम नतीजे आ पाएँगे.

लाभ और हानि

अमरीका में संसदीय चुनाव के ताज़ा परिणामों के बाद भारत के परमाणु समझौते को लेकर राष्ट्रपति बुश के प्रयासों में अड़चनें आ सकती हैं.

यदि यह विधेयक आगामी ‘लेम डक' (संसद के पिछले प्रस्तावों को निपटाने के लिए बुलाई जानी वाली बैठक) सत्र तक पारित नहीं हो पाता है तो आगे जाकर इसमें और मुश्किलें आ सकती हैं.

अब इसमें कैलिफोर्निया से कांग्रेस की महिला प्रतिनिधी नैन्सी पेलोसी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से वही यह तय किया जाएगा कि इस प्रस्ताव को इस सत्र में पारित करने दिया जाए या आगे टाल दिया जाए.

जहाँ तक बात डेमोक्रेट सांसदों की है तो भारत समर्थक लॉबी में वे बहुत ज़्यादा तादाद में हैं. वे चाहें तो इसमें काफी मदद कर सकते हैं.

पहले व्हाइट हाउस और सीनेट, दोनों में बुश की रिपब्लिकन पार्टी को बढ़त हासिल थी इसलिए इसे पारित कराना ज़्यादा आसान था.