बुधवार, 08 नवंबर, 2006 को 19:10 GMT तक के समाचार
अमरीकी संसद के मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बढ़त के बाद राष्ट्रपति बुश ने घोषणा की है रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड अपना पद छोड़ रहे हैं.
उनका कहना था कि अमरीकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए के पूर्व अध्यक्ष रॉबर्ट गेट्स उनकी जगह लेंगे यानि रॉबर्ट गेट्स नए अमरीकी रक्षा मंत्री होंगे.
राष्ट्रपति बुश का कहना था कि उन्होंने डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड के साथ बातचीत की है और वे दोनो ही इस विषय में सहमत हैं कि समय आ गया है कि अमरीकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन को नया नेतृत्व मिले.
उनका कहना था कि चुनावी नतीजों से उन्हें निराशा हुई है और रिपब्लिकन पार्टी का नेतृत्व करते हुए वे नतीज़ो की मुख्य ज़िम्मेदारी कबूल करते हैं.
'इराक़ बड़ा मुद्दा था'
उनका कहना था कि चुनावों में इराक़ का मुद्दा मतदाताओं के लिए एक बड़ा मुद्दा था और इसीलिए ये एक कारण था कि उन्होंने डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड को रक्षा मंत्री के पद से हटाने का फ़ैसला किया है.
लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अमरीका इराक़ में अपना काम पूरा करेगा. उन्होंने माना कि मध्यावधि चुनावों ने बहुत कुछ बदल दिया है. लेकिन उनका कहना था कि इससे उनकी मूल ज़िम्मेदारी नहीं बदलती जो अमरीकी लोगों को हमले से बचाना है.
राष्ट्रपति बुश का कहना था कि इराक़ 'आतंक के ख़िलाफ़ जंग' का हिस्सा है और उन्हें उम्मीद है कि डैमोक्रैटिक पार्टी उनके साथ मिलकर इसका सामना करने के लिए तैयार होगी.
उनका कहना था कि उनके (इराक़ के संकट के समाधान पर) अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ मतभेद हो सकते हैं लेकिन असल मुद्दा तो अमरीका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
लेकिन राष्ट्रपति बुश ने डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड को एक 'देशभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने देश की गौरव और विशिष्टता से सेवा की.' उन्होंने रम्सफ़ेल्ड को अपना विश्वसनीय सलाहकार और दोस्त भी बताया.या
गौरतलब है कि अमरीकी चुनाव में इराक़ के ख़िलाफ़ युद्ध पर अमरीकी जनता में बढ़ते गुस्से के चलते रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड के इस्तीफ़े की माँग भी बढ़ रही थी.
'इच्छाशक्ति की कमी नहीं'
अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस मौके पर उनका देश के दुश्मनों के लिए संदेश है कि वे ज़्यादा ख़ुशी न मनाएँ.
उनका कहना था कि अमरीका के दुश्मन लोकतंत्र की कारगुज़ारी को अमरीकी इच्छाशक्ति की कमी न समझें.
इराक़ियों के लिए उनका संदेश था कि वे निडर रहें.
उनका कहना था कि जैसे-जैसे इराक़ लोकतंत्र की ओर कदम उठाता है, अमरीका उस राह पर उसका साथ देगा.