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रविवार, 05 नवंबर, 2006 को 07:41 GMT तक के समाचार

सद्दाम के फ़ैसले से पहले इराक़ में तनाव

इराक़ में पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ पहले मुक़दमे में रविवार को फ़ैसला आने की संभावना है.

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजधानी बग़दाद और आसपास के तीन अन्य प्रांतों दियाला, सलाहुद्दीन और अनबार में कर्फ़्यू लगाने का फ़ैसला किया गया है. कर्फ़्यू 12 घंटे तक चलेगा.

इस बीच इराक़ी रक्षा मंत्रालय ने सभी सैनिकों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं.

सद्दाम हुसैन और अन्य अभियुक्तों पर दुजैल गाँव में 148 लोगों की हत्या का आरोप है. ये घटना 1982 की है. अगर उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया गया तो उन्हें मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.

वैसे सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ दुजैल नरसंहार के अलावा भी कई मामलों में मुक़दमा चल रहा है.

हिंसा की आशंका

सद्दाम हुसैन के समर्थकों ने चेतावनी दी है कि अगर पूर्व राष्ट्रपति को मौत की सज़ा सुनाई गई तो देश में और हिंसा होगी.

बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता ह्यूज साइक्स का कहना है कि सद्दाम हुसैन के गृह प्रांत सलाहुद्दीन और अनबार में हिंसक प्रतिक्रिया से कोई आश्चर्य नहीं होगा.

सद्दाम हुसैन के शासनकाल के कई पूर्व पुलिस अधिकारी, वरिष्ठ सैनिक अधिकारी और बाथ पार्टी के अधिकारी इन दोनों प्रांतों के दो प्रमुख शहरों फलूजा और रमादी में रहते हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हो सकता है कि अन्य जगह सद्दाम के ख़िलाफ़ फ़ैसले पर ख़ुशी भी मनाई जाए क्योंकि सद्दाम हुसैन के दोनों बेटों के मारे जाने पर कई जगह ख़ुशियाँ मनाई गई थी.

इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी मलिकी ने टेलीविज़न पर दिए गए संबोधन में देशवासियों से शांत रहने की अपील की है.

सद्दाम हुसैन के बचाव पक्ष के एक वकील नजीन अल नूएमी ने अल जज़ीरा टीवी को बताया कि जिस तरह देश में माहौल है, उससे तो यही लगता है कि मौत की सज़ा सुनाई जाने वाली है.

लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर ऐसा हुआ तो वे फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे. नूएमी ने कहा, "हम जानते हैं कि हमारे साथ क्या होने जा रहा है. फिर भी हम फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे. हालाँकि उसमें कोई बदलाव नहीं आएगा."