शनिवार, 04 नवंबर, 2006 को 22:19 GMT तक के समाचार
अमरीका में अहम संसदीय चुनाव को दो दिन ही रह गए हैं और बुश प्रशासन को अपनी इराक़ नीति को लेकर कड़ी निंदा का सामना करना पड़ रहा है.
रक्षा मामलों के चार अख़बारों ने अपनी सयुक्त संपादकीय में माँग की है कि रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफेल्ड इस्तीफ़ा दें.
उधर प्रचार करते हुए राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने लोगों से कहा है कि वे इराक़ के बदले अर्थव्यवस्था के बारे में सोचें.
इस मध्यावधि चुनाव की बहुत अहमियत है क्योंकि इस बार विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को उम्मीद है कि वह सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बहुमत प्राप्त कर लेगी.
दोष
जिन चार अख़बारों ने संपादकीय लिखी है उनमें आर्मी टाइम्स, एयरफ़ोर्स टाइम्स, नेवी टाइम्स और मरीन कॉप्स टाइम्स शामिल है.
इन अख़बारों का कहना है कि रम्सफ़ेल्ड की वजह से ही अमरीका को इराक़ में असफलता हाथ लगी है.
थोड़े दिनों पहले ही राष्ट्रपति बुश ने रक्षामंत्री रम्सफ़ेल्ड का ज़ोरदार बचाव करते हुए बयान दिया था.
अब पता चल रहा है कि इराक़ पर हमले की हिमायत करने वाले कई वरिष्ठ सलाहकार भी अब इराक़ में चल रही कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
इन्हीं में से एक रिचर्ड पेरले ने एक पत्रिका को दिए गए साक्षात्कार में कहा है कि अमरीका की इराक़ नीति त्रासदी साबित हुई है.
जबकि केनेथ एडलमैन का कहना है कि राष्ट्रपति बुश की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समिति पिछले दस सालों में सबसे ख़राब है.
हालांकि तीसरे सलाहकार डेविड फ़्रम ने कहा है कि कुछ बयानों को ज़रुरत से ज़्यादा तूल दिया गया है.