शुक्रवार, 03 नवंबर, 2006 को 23:46 GMT तक के समाचार
इराक़ की राजधानी बग़दाद में पुलिस ने कहा है कि पिछले 36 घंटों में शहर के अलग-अलग स्थानों से 83 लाशें मिली हैं.
इनमें से कई लाशों पर चोट और प्रताड़ना के निशान हैं.
उधर अमरीकी फ़ौज ने कहा है कि उसके सात सैनिक मारे गए हैं और उन्होंने 13 विद्रोहियों को मारा है.
इस बीच इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पर चल रहे मुकदमें का फ़ैसला आने से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
इस मामले का फ़ैसला रविवार को आने की संभावना है.
सैनिकों और सभी अफ़सरों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं और सबको ड्यूटी पर बुला लिया गया है.
इराक़ बँच गया
गुरुवार से शुक्रवार तक बग़दाद में 56 नागरिकों के शव मिले.
इसके बाद शुक्रवार को 27 शव और मिले. रमज़ान ख़त्म होने के बाद पहली बार इतनी संख्या में शव मिले हैं.
बीबीसी के वरिष्ठ संवाददाता ज़ॉन सिम्पसन का कहना है कि जातीय हिंसा के दबाव में इराक़ साफ़ तौर पर बँटा हुई दिख रहा है.
शिया और सुन्नी कैंप छावनियों में तब्दील हो गए हैं और उनकी अपनी सेना कमान संभाले हुए है.
जिन 83 लोगों के शव मिले हैं उनके बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इनमें से कुछ लोग जातीय हिंसा का शिकार हुए हैं जबकि अन्य लाशें उन लोगों की हैं जिन्हें फिरौती के लिए अगवा किया गया था.
इन लाशों के मिलने के अलावा शुक्रवार को ही अमरीकी सेना ने दावा किया था कि उसने महमूदिया इलाक़े में 13 विद्रोहियों को मार डाला है.
इससे पहले अमरीकी सेना ने स्वीकार किया था कि विद्रोहियों के हमलों में उसके पाँच सैनिक मारे गए हैं.
इराक़ में बड़ी संख्या में लाशें बरामद होना कोई चौंकाने वाली बात नहीं रह गई है लेकिन एक साथ 56 लाशों का बरामद होने से सनसनी फैल गई है.
जिन लोगों की लाशें मिली हैं वे सभी पुरूष हैं और उनकी उम्र 20 से 45 वर्ष के बीच है, इनमें से ज़्यादातर लोगों के हाथ पीछे की तरफ़ बँधे हुए थे.