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गुरुवार, 02 नवंबर, 2006 को 03:04 GMT तक के समाचार

'अमरीका अन्य देशों को दोष देना बंद करे'

सीरिया की सरकार का कहना है कि मध्य पूर्व में अपनी ग़लतियों के लिए अमरीका अन्य देशों को दोष देना बंद करे.

सीरिया की प्रतिक्रिया उस अमरीकी बयान पर आई है जिसमें अमरीका ने सीरिया और ईरान पर लेबनान में तख़्ता पलटने की साज़िश रचने का आरोप लगाया था.

'हरीरी को राष्ट्रपति असद ने धमाकाया था'

अमरीका में सीरिया के राजदूत इमाद मुस्तफ़ा ने कहा कि इराक़ और लेबनान में अमरीकी नीतियाँ असफल रही हैं लेकिन अमरीका ये कहना चाहता है कि ये सीरिया का दोष है.

उनका कहना था कि अमरीकी सरकार को और परिपक्वता का परिचय देना चाहिए.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने चेतावनी दी थी कि लेबनान को अस्थिर करने की कोशिश लेबनान की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन होगी.

इस संदर्भ में उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देना, हिंसा या लेबनानी नेतृत्व को धमकाने की कोशिश करने का ज़िक्र किया था.

'हरीरी की हत्या की जाँच'

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने आरोप लगाया था कि सीरिया इस उम्मीद में है कि पूर्व लेबनानी प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी की हत्या की जाँच के लिए अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल न बन पाए.

हरीरी को याद करने हज़ारों एकत्र हुए

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता टोनी स्नॉ ने ये भी कहा था कि लेबनानी सरकार को पलटने की कोई भी कोशिश संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के ख़िलाफ़ जाएगी.

उधर बीबीसी संवाददाता पॉल रेनोल्ड्स का कहना है कि लेबनान में स्थिति अभी तनावपूर्ण है क्योंकि हिज़्बुल्ला मंत्रिमंडल में एक तिहाई हिस्सेदारी की माँग कर रहा है.

अग़र ऐसा हुआ तो उसे सभी मामलों में निर्णायक भूमिका अदा करने की ताकत मिल जाएगी और फिर अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल को लेबनान की मंजूरी मिलने में मुश्किल हो सकती है.

हिज़्बुल्ला के नेता शेख हसन नसरूल्ला ने अपनी माँग के समर्थन में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है.