सोमवार, 30 अक्तूबर, 2006 को 12:05 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के ख़तरनाक नतीजों के बारे में आई रिपोर्ट सभी देशों के लिए आँखे खोलने वाली है.
लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन नें उन्होंने कहा कि विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री निकोलस स्टर्न की ये रिपोर्ट सरकार के सामने रखी गई अब तक की सबसे महत्वपूर्ण रिपोर्ट है.
प्रधानमंत्री ब्लेयर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दुनियाभर की सरकारों ने इस पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो इसके ख़तरनाक नतीजों का इलाज ढूँढ़ना मुश्किल होगा.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मामले में ब्रितानी सरकार को भी एक उदाहरण पेश करना होगा.
लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि गैसों के उत्सर्जन में ब्रिटेन का हिस्सा सिर्फ़ दो फ़ीसदी है इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या के निदान के लिए कार्रवाई की आवश्यकता है.
चेतावनी
विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री सर निकोलस स्टर्न ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जलवायु परिवर्तन से जल्द निपटने में नाकामी हाथ लगी, तो इसके ख़तरनाक नतीजे सामने आ सकते हैं.
उन्होंने इन नतीजों की तुलना पिछले दो विश्व युद्धों के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों और 20वीं शताब्दी की आर्थिक मंदी से की.
सर निकोलस स्टर्न ने अपील की कि बढ़ते तापमान और गैसों के उत्सर्जन से निपटने के लिए नियम बनाए जाएँ और सरकारें इसके लिए टैक्स से मिलने वाली राशि का भी इस्तेमाल करें.
उन्होंने कहा कि कम कार्बन ईंधन का इस्तेमाल करने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने का मतलब ये है कि दुनिया एक फ़ीसदी और ग़रीब होगी लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ और क़दम उठाने में देरी हुई, तो नतीजे ज़्यादा ख़तरनाक होंगे.
बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में सर निकोलस स्टर्न ने कहा कि अगर दुनिया वैसे ही चलती रही तो 100 से 150 साल के अंदर सामान्य तापमान में पाँच डिग्री की बढ़ोत्तरी हो जाएगी.
सर निकोलस स्टर्न इस समय ब्रितानी सरकार के मुख्य अर्थशास्त्री हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ख़तरा बड़ा है और अगर जल्दी कार्रवाई नहीं की गई तो इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा.