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शुक्रवार, 27 अक्तूबर, 2006 को 11:23 GMT तक के समाचार

बान की-मून चीन के दौरे पर

संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव बान की-मून चीन दौरे पर बीजिंग पहुँच गए हैं. उम्मीद है कि अपनी चीन यात्रा के दौरान वे उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण पर बातचीत करेंगे.

महासचिव पद के लिए चुने जाने के बाद बान की-मून ने परमाणु संकट को सुलझाने को अपनी सबसे बड़ी चुनौती बताया था.

वे अगले साल जनवरी में संयुक्त राष्ट्र महासचिव का पदभार संभालेंगे. पदभार संभालने के बाद उन्होंने उत्तर कोरिया में संयुक्त राष्ट्र का एक विशेष दूत नियुक्त करने की अपनी मंशा पहले ही ज़ाहिर कर दी है.

बान की-मून अभी दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री हैं, इसलिए भी उन्हें उत्तर कोरिया से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

प्रभाव

उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया की अंदरूनी राजनीति पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के तीन सदस्यों ने इस्तीफ़े की पेशकश कर दी है.

दक्षिण कोरिया की ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख किम सुंग-ग्यू ने भी अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. एकीकरण मंत्री ली जोंग-सिओक और रक्षा मंत्री यून कुआंग-उंग ने भी अपने पद छोड़ने के संकेत दिए हैं.

परमाणु परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया की जनता ने राष्ट्रपति रोह मू-हुन की 'सनशाइन नीति' की कड़ी आलोचना की थी.

सरकार की इस बात के लिए भी आलोचना की गई कि वह इन परीक्षणों की जानकारी पहले ही हासिल करने में विफल रही.

बीजिंग की अपनी यात्रा शुरू करने से पहले बान ने कहा, "मैं उत्तर कोरिया के परमाणु संकट के शांतिपूर्ण समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा रखता हूँ".

बान चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ के अलावा उत्तर कोरिया में चीन के विशेष दूत तांग जिया-जुआन और विदेशमंत्री ली झाओ-जिंग से भी मिलेंगे.