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सोमवार, 23 अक्तूबर, 2006 को 10:12 GMT तक के समाचार

अमरीकी अधिकारी ने माफ़ी माँगी

अमरीकी विदेश मंत्रालय के जिस अधिकारी ने बयान दिया था कि इराक़ में अमरीका की नीति 'अंहकारी और मूर्खतापूर्ण' थी उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी माँगी है.

अल्बर्टो फ़र्नांडेज़ ने ये बयान अल जज़ीरा टीवी से बातचीत के दौरान दिया था. लेकिन अब उन्होंने कहा है कि उन्होंने 'ग़लत बयान' दिया था.

विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा है, " अल जज़ीरा से बातचीत में जो मैने कहा था उसे पढ़ने के बाद मुझे एहसास हुआ कि ये बोलकर कि इराक़ में अमरीका का रवैया अंहकारी और मूर्खतापूर्ण मैने ग़लत बयान दिया है. "

अल्बर्टो फ़र्नांडेज़ ने कहा कि उनकी टिप्पणी अमरीकी विदेश मंत्रालय के मत का प्रतिनिधित्व नहीं करती.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये स्पष्ट नहीं है कि अल्बर्टो फ़र्नांडेज़ को माफ़ी माँगने के लिए उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था या नहीं.

अल्बर्टो फ़र्नांडेज़ की टिप्पणी पर अमरीका की डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सदस्यों ने सहमति जताई है. रिपबल्किन पार्टी के उन सदस्यों ने भी इस बयान से सहमति जताई थी जो बुश प्रशासन से इराक़ नीति में बदलाव के लिए कहते रहे हैं.

'क्षेत्रीय त्रासदी'

फ़र्नांडेज़ का ये बयान ऐसे समय आया था जब व्हाइट हाउस में इराक़ नीति को लेकर गंभीर बहस चल रही है और अमरीका में मध्यावधि चुनाव नंवबर में हैं.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी अल्बर्टो फ़र्नांडेज़ अरबी भाषा में बोल सकते हैं और वे नज़दीकी पूर्वी देशों के मामलों के ब्यूरो के निदेशक हैं.

शनिवार को उन्होंने अल जज़ीरा से बातचीत में कहा था कि इराक़ में विश्व समुदाय को 'विफलता' का सामना करना पड़ रहा है.

उनका कहना था, "ये सिर्फ़ अकेले अमरीका की विफलता नहीं है ये एक क्षेत्रीय त्रासदी है. मुझे लगता है कि यहाँ आलोचना की काफ़ी गुंजाइश है क्योंकि इसमें कोई शक नहीं कि इराक़ में अमरीका ने अंहकार और मूर्खता का परिचय दिया है."

इसके बाद अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि अल्बर्टो फ़र्नांडेज़ के बयान को ग़लत तरीके से पेश किया गया है.