सोमवार, 23 अक्तूबर, 2006 को 15:25 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी में इसराइली सेना के साथ झड़प में एक चरमपंथी समेत सात फ़लस्तीनी मारे गए हैं.
फ़लस्तीनी सूत्रों का कहना है कि घटना में कम से कम 14 लोग घायल भी हुए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस चरमपंथी की मौत हुई है उनका नाम अता शिनबरी है और वो पॉपुलर रिज़िसटेंस कमिटिज़ नाम के चरमपंथी गुट का वरिष्ठ कमांडर था.
इस गुट का नाम ग़ज़ा से इसराइली सीमा में रॉकेट दागने वाले संगठनों की सूची में आता रहा है.
अधिकारियों के मुताबिक इसराइल ने एक शोक सभा के दौरान ख़ुफ़िया तरीक से छापा मारा था.
लेकिन इसराइल का कहना है कि कुछ लोग इसराइल पर रॉकेट से हमले करने की धमकी दे रहे थे और सेना की उन्हीं लोगों के साथ गोलीबारी हुई.
फ़लस्तीनी सूत्रों के मुताबिक ये घटना बेत हानून में हुई लेकिन इसराइल का कहना है कि वो बेत लाहिया के पास थी.
ये घटना ऐसे समय हुई है जब रमज़ान महीने के बाद फ़लस्तीनी लोग ईद का त्योहार मना रहे थे.
घटना की निंदा
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने एक बयान में इस घटना को 'हत्याकांड' का नाम दिया है.
हेत हानून में स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय लोग एक चरमपंथी की शोक सभा में शामिल हो रहे थे. इस चरमपंथी को कुछ दिन पहले इसराइल ने मार दिया था.
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लोगों ने सोचा कि कोई विरोधी फ़लस्तीनी गुट उन पर हमला कर रहा है.
हमले में मारे गए चरमपंथी अता शिनबरी के बारे में कहा जाता है कि वे उत्तरी ग़ज़ा में अपने संगठन- पॉपुलर रिज़िसटेंस कमिटिज़ का कामकाज देखते थे.
संगठन के एक प्रवक्ता अबू अबीर ने मौत का बदला लेने की बात करते हुए कहा है कि ये 'तूफ़ान से पहले की शांति' है.
इस साल जून के बाद से इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच हिंसक घटनाएँ काफ़ी बढ़ गई हैं.
जून में एक अपहृत इसराइली सैनिक को छुड़ाने के लिए इसराइल ने अभियान चलाया था.
इस समय पॉपुलर रिज़िसटेंस कमिटिज़ संगठन उन गुटों में से एक था जिसने इसराइली सैनिक गिलाद शालित को अगुआ करने की ज़िम्मेदारी ली थी.