शनिवार, 21 अक्तूबर, 2006 को 09:03 GMT तक के समाचार
दो दिनों तक चली हिंसा के बाद इराक़ी शहर अमारा में शांति क़ायम हो गई है. अब वहाँ इराक़ी सैनिकों को तैनात किया जा रहा है.
अमारा में शिया विद्रोहियों के दो गुटों और पुलिस के बीच पिछले दो दिनों तक चले संघर्ष में 30 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 100 से अधिक घायल हुए हैं.
शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के एक रिश्तेदार की हत्या के बाद दोनों ओर से झड़पें शुरू हुईं.
इस बीच अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि इराक़ मे जारी हिंसा से निपटने के लिए वहाँ तैनात अमरीकी सेना रणनीति में कुछ बदलाव कर सकती है.
इस मामले पर राष्ट्रपति बुश इराक़ में तैनान अमरीकी सैनिक अधिकारियों से वीडियो कॉंन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए बात करने वाले हैं.
शांति
हिंसा ख़त्म करने के लिए प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी और कट्टरपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई.
दोनों पक्षों मे सहमति बनी है कि वे शांति बनाए रखने की कोशिश करेंगे.
इसी बातचीत के बाद पूरे इलाक़े में इराक़ी सेना की तैनाती की जा रही है. सेना ने कहा है कि सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
फिलहाल अमारा में शांति है और कहीं से ताज़ा झड़प की ख़बर नहीं है.
दो महीने पहले ब्रितानी सेना ने अमारा का नेतृत्व स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया था. हालाँकि वे वापस नहीं लौटे हैं और ज़रूरत पड़ने पर फिर से उनकी तैनाती की जा सकती है.
इस बीच इराक़ी विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने कहा है कि अब इस पर दोबारा विचार करना होगा कि अमारा और आसपास के इलाक़े इराक़ के नियंत्रण में सौंपे जा सकते हैं या नहीं.