बुधवार, 18 अक्तूबर, 2006 को 10:27 GMT तक के समाचार
अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि उत्तर कोरिया से होने वाले किसी संभावित खतरे के प्रति वो जापान और दक्षिण कोरिया को अपनी पूरी सैन्य मदद देगा.
उन्होंने कहा कि ये जानना सबके लिए ज़रूरी है कि अमरीका अपने सैन्य समझौतों का पालन करेगा.
कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा कि उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंधों को ठीक से लागू करने के लिए जापान और अमरीका मिलकर काम करेंगे.
कॉंडोलीज़ा राइस ने जापान में वहाँ के विदेश मंत्री टारो असो से मुलाकात के बाद ये बात कही.
उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर समर्थन जुटाने के लिए अमरीकी विदेश मंत्री एशिया के दौरे पर हैं.
अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस दक्षिण कोरिया, चीन और रूस भी जाएँगी.
'दूसरे परीक्षण की आशंका'
आशंका जताई जा रही है कि उत्तर कोरिया एक और परमाणु परीक्षण कर सकता है.
जिस जगह उत्तर कोरिया में परीक्षण किया गया था, वहाँ फिर से गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं. जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ने कहा है कि उनके पास ख़ुफ़िया सूचना है कि उत्तर कोरिया दूसरे परीक्षण की तैयारी में जुटा हो सकता है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध के बावजूद उत्तर कोरिया ने अपने रवैए में बदलाव के कोई संकेत नहीं दिए हैं.
जापन में बहस
वहीं जापानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस बात पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए कि जापान के पास अपने परमाणु हथियार होने चाहिए या नहीं.
पर साथ ही उनका कहना था कि जापान में परमाणु बम बनाने या जापानी ज़मीन पर परमाणु बम आने देने की उनकी देश की कोई योजना नहीं है.
जापान और अमरीका उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंधों को जल्द लागू करने के इच्छुक हैं.
दक्षिण कोरिया में अमरीकी राजदूत ने कहा है कि कॉंडोलीज़ा राइस दक्षिण कोरिया से कहेंगी कि वो उत्तर कोरिया से आने वाले जहाज़ों की जाँच में अपनी भूमिका बढ़ाए.
लेकिन विवाद छिड़ने की आशंका के चलते दक्षिण कोरिया ऐसा करने को लेकर आशंकित है.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु गतिविधियाँ सिर्फ़ कूटनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए तेज़ की हैं.
वहीं उत्तर कोरिया के मित्र देश चीन ने कहा है कि वो ऐसा कुछ न करे जिससे स्थिति और बिगड़े.