बुधवार, 18 अक्तूबर, 2006 को 23:58 GMT तक के समाचार
इराक़ में आम नागरिकों की हत्या के तीन अलग अलग मामलों में अमरीका ने अपने ग्यारह सैनिकों पर मुक़दमा चलाने की घोषणा की है.
अमरीकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता मार्क बैलेस्टेरोस ने कहा कि इस फ़ैसले से साबित होता है कि अमरीका इराक़ी जनता के साथ अमरीकी सेना की ज़्यादती के आरोपों की जाँच कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
एक मामला इराक़ी लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या का है. इस घटना के बाद इराक़ में अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था.
अमरीकी सेना ने इस मामले में चार अमरीकी सैनिकों का कोर्ट मार्शल करने का फ़ैसला किया है.
इन सैनिकों पर आरोप है कि उन्होंने बलात्कार के बाद लड़की और उसके परिवारवालों की हत्या कर दी थी.
यदि इन दो सैनिकों को दोषी पाया गया तो उन्हें मौत की सज़ा तक सुनाई जा सकती है.
ये अमरीकी सैनिक 101 एयरबोर्न डिवीज़न से हैं और वे उस दौरान इराक़ के महमूदिया क्षेत्र में तैनात थे जो बग़दाद से लगभग 32 किलोमीटर दूर है.
सेना का कहना है कि चार अन्य सैनिकों का उत्तरी इराक़ में बंधकों की हत्या के मामले में कोर्ट मार्शल किया जाएगा.
ये चारों सैनिक सेकेंड ब्रिगेड से हैं और इन पर सुनियोजित ढंग से हत्या करने का आरोप लगाया गया है. तीन पर लूटपाट और घर में तोड़फोड़ का भी आरोप लगाया गया है.
सेना का कहना है कि यदि सार्जेंट पॉल कॉर्टज़ और जेसी स्पाइलमैन दोषी पाए गए तो उन्हें मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.
जबकि जेम्स बार्कर, ब्रायन हॉवर्ड को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई जा सकती है.
इराक़ में अमरीकी सैनिकों पर ज़्यादती के कई मामले चल रहे हैं.
सैनिकों की मौत
दूसरी ओर इराक़ में विभिन्न हमलों में दस अमरीकी सैनिक मारे गए हैं.
इन्हें मिलाकर अक्तूबर में मरने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या 60 हो गई है.
दस में से चार सैनिकों की मौत तब हुई जब ये सैनिक राजधानी बग़दाद में अपने वाहन से जा रहे थे, जबकि तीन सैनिकों की मौत दियाला प्रांत में हुई.
सैनिकों की मौत की घटनाओं में बढ़ोत्तरी ऐसे समय हुई है जब बिगड़ती सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए नई रणनीति की संभावना पर इराक़ और अमरीका में बहस चल रही है.