मंगलवार, 17 अक्तूबर, 2006 को 22:05 GMT तक के समाचार
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी का मानना है कि यदि ईरान और सीरिया संयुक्त रूप से इराक़ की स्थिरता के लिए प्रयास करें तो वहाँ हिंसा कुछ ही महीनों में समाप्त हो सकती है.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि 'यह क़दम चरमपंथ की समाप्ति की शुरुआत होगी.'
तालाबानी का कहना था कि इसका स्थिति पर नाटकीय रूप से असर होगा
माना जा रहा है कि ये सुझाव कुछ अमरीकी विशेषज्ञों की ओर से आया है जो अमरीका की इराक़ नीति में बड़ा बदलाव चाहते हैं. इस दल में अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री जेम्स बेकर शामिल हैं.
ऐसी ख़बरें हैं कि जेम्स बेकर के नेतृत्ववाला विशेषज्ञ दल इराक़ से संयुक्त सेनाओं की जल्द वापसी की सलाह दे सकता है.
राष्ट्रपति तालेबानी ने कहा कि वो ऐसी ख़बरों से चिंतित नहीं हैं.
उन्होंने विशेष बातचीत में कहा,'' मुझे विश्वास है कि कोई भी इराक़ से जल्द वापसी का फ़ैसला नहीं करेगा.''
दूसरी ओर ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी कहा है कि ब्रितानी सेनाएँ इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में जब तक कार्य पूरा नहीं होता, तब तक वहाँ से वापस नहीं जाएँगी.
विशेष दल
दरअसल इराक़ युद्ध के लिए अमरीका में घटते जनसमर्थन को देखते हुए कांग्रेस ने एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ दल गठित किया था जो अमरीकी विदेश नीति का आकलन कर रहा है.
अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री जेम्स बेकर के नेतृत्व में गठित यह पैनल इराक़ पर अमरीकी विदेश नीति के भविष्य लिए प्रस्ताव सामने रखेगा.
रिपब्लिकन और जॉर्ज बुश सीनियर के समय में विदेश मंत्री रह चुके जेम्स बेकर के नेतृत्ववाले विशेषज्ञ दल में दस सदस्य हैं.
जेम्स बेकर जॉर्ज बुश सीनियर के एक भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगी रह चुके हैं और उनके बारे में कहा जाता है कि सन् 2000 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की जीत में उनका बड़ा योगदान था.