मंगलवार, 17 अक्तूबर, 2006 को 11:26 GMT तक के समाचार
चीन ने कहा है कि पिछले हफ़्ते के परमाणु परीक्षण के बाद अगर उत्तर कोरिया ऐसा और कोई क़दम उठाता है तो वो उसे तेल और अनाज देना बंद कर देगा.
ये बयान चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के आधिकारिक समाचार पत्र में छपा है.
ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि उत्तर कोरिया को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे स्थिति और बिगड़े.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चीन की ओर से आने वाली ये अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी है.
उधर दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वो उन रिपोर्टों का अध्ययन कर रहा है जिनके मुताबिक उत्तर कोरिया दूसरे परमाणु परीक्षण की तैयारी में जुटा हो सकता है.
इससे पहले उत्तर कोरिया ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का मतलब 'युद्ध की घोषणा' के अलावा कुछ और नहीं है.
उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की घोषणा के बाद उसकी ओर से आई ये पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया थी.
हाल में उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से उस पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को पारित किया था.
उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के बयान में प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की गई है और उसे 'उत्तर कोरिया के प्रति अमरीकी शत्रुता क नतीजा' बताया गया है.
उत्तर कोरिया का कहना है कि यदि उसकी संप्रभुता का उल्लंघन होता है तो वह कठोर कार्रवाई करेगा.
उत्तर कोरिया ने प्रतिबंधों को अनैतिक ठहराते हुए कहा है कि संयुक्त राष्ट्र ने धमकियों के ख़िलाफ़ उत्तर कोरिया के अपने बचाव में वैध कदम उठाने के अधिकार को नज़रअंदाज़ किया है.
उत्तर कोरिया के मुद्दे पर वरिष्ठ अमरीकी दूत क्रिस्टोफ़र हिल का दक्षिण कोरिया में कहना था कि उत्तर कोरिया को अपने लापरवाह रवैए के लिए भारी कीमत चुकानी होगी.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने भी कहा है कि यदि उत्तर कोरिया और परमाणु परीक्षण करता है तो इसे भड़काने वाली कार्रवाई माना जाएगा जिससे उत्तर कोरिया दुनिया में और अलग-थलग हो जाएगा.