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रविवार, 15 अक्तूबर, 2006 को 23:49 GMT तक के समाचार

'कात्साव के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत'

लंबी जाँच के बाद इसराइली पुलिस ने कहा है कि उसके पास राष्ट्रपति मोशे कात्साव के ख़िलाफ़ बलात्कार और दूसरे आरोपों के मामलों में पर्याप्त सबूत हैं.

इसराइली पुलिस कई हफ़्तों से इस मामले की जाँच कर रही थी.

एटॉर्नी जनरल मेनाशेम माज़ूज़ को इसराइली पुलिस ने अपनी राय से अवगत करवा दिया है. अब अंतिम फ़ैसला एटॉर्नी जनरल को ही करना है कि राष्ट्रपति कात्साव पर मुक़दमा चले या नहीं.

राष्ट्रपति कात्साव इस आरोप का खंडन करते हैं कि उन्होंने दो महिला कर्मचारियों को अपने साथ यौन संबंध बनाने के लिए बाध्य किया. वे फ़ोन टैपिंग और धोखाधड़ी के आरोपों का भी खंडन करते हैं.

अगर एटॉर्नी जनरल मेनाशेम माज़ूज़ यह फ़ैसला करते हैं कि मुक़दमा चलना चाहिए तो राष्ट्रपति कात्साव को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ सकता है.

राष्ट्रपति पर लगे इन आरोपों ने इसराइली राजनीति को हिला कर रख दिया है और पहले से ही निराश लोगों के मन में इस राजनीतिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा किया है.

इस पूरे मामले की शुरुआत राष्ट्रपति के लिए काम करने वाली एक महिला के आरोप से हुई जिसने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने साथ यौन संबंध बनाने के लिए उसे बाध्य किया.

बाद में कई और महिलाओं ने इसी तरह के आरोप लगाए. मीडिया का कहना है कि कम से कम दस महिलाओं ने शिकायतें की हैं.

राष्ट्रपति कात्साव ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि यह बिना सुनवाई किए सार्वजनिक रुप से दंडित करने जैसा है.

61 वर्षीय कात्साव दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के सदस्य हैं और वर्ष 2000 से इस पद पर हैं. वे पाँच बच्चों के पिता हैं और उन्होंने इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है.

वैसे मोशे कात्साव सोमवार को संसद के नए सत्र की शुरुआत करने वाले हैं लेकिन कई सांसदों ने धमकी दी है कि यदि वह संसद में आए तो वे वॉक-आउट करेंगे.

इसराइली राजनेताओं के भ्रष्टाचार के मामलों और हाल ही में लेबनान में सेना के प्रदर्शन के चलते लोगों में भारी असंतोष है.