शुक्रवार, 13 अक्तूबर, 2006 को 12:39 GMT तक के समाचार
इराक़ सरकार ने ब्रिटेन के सेना प्रमुख सर रिचर्ड डैनेट के इस बयान पर ख़ुद को अलग करते हुए सतर्क प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि इराक़ से ब्रितानी सैनिक शीघ्र ही वापस बुलाए जाने चाहिए.
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबनी के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि इस समय इराक़ से बहुराष्ट्रीय सैनिकों का चला जाना देश के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकता है.
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि देश में हिंसा की वजह विदेशी सैनिकों की मौजूगी नहीं है.
ब्रिटेन के सेना प्रमुख जनरल सर रिचर्ड डैनेट ने शुक्रवार को बीबीसी से बातचीत में कहा कि सेना के लिए जो अच्छा है उसके समर्थन में बोलना उनका मक़सद था लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि सरकार के साथ उनके कोई मतभेद हैं.
सर रिचर्ड डैनेट ने गुरूवार को ब्रिटेन के एक अख़बार डेली मेल से बातचीत में कहा था कि इराक़ में ब्रितानी सैनिकों की मौजूदगी की वजह से सुरक्षा संबंधी समस्याएँ बढ़ी हैं और ब्रितानी सैनिकों को निकट भविष्य में वहाँ से बुला लिया जाना चाहिए.
उधर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा है कि इराक़ में ब्रितानी सैनिक वहाँ की सरकार के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत तैनात हैं.
प्रधानमंत्री टोनी ब्लयेर के ने ये भी कहा कि हर कोई चाहता है कि इराक़ से ब्रितानी सैनिकों की वापसी यथा शीघ्र हो लेकिन उससे पहले इराक़ा में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार जम जाए और उसे उसके ख़ुद की सशस्त्र सेवाओं का साथ हासिल हो.
बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि जनरल रिचर्ड मैनेट की टिप्पणी दिखाती है कि सेना में इराक़ संघर्ष ब्रिटेन की पहले से दबाव का सामना कर रही सशस्त्र सेनाओं पर दबाव और बढ़ा रहा है और इस बारे में चिंता भी बढ़ रही है.