गुरुवार, 12 अक्तूबर, 2006 को 22:10 GMT तक के समाचार
सऊदी अरब ने कहा है कि पोलियो से पीड़ित देशों से हज यात्रा के लिए पहुँचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पोलिया के टीके का सर्टिफ़िकेट लाना अनिवार्य होगा.
अधिकारियों का कहना है कि इस आदेश से भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और अफ़ग़ानिस्तान के हजयात्री प्रभावित होंगे.
अतिरिक्त सतर्कता के रुप में इन देशों से आने वाले तीर्थयात्रियों को पोलियो के टीके की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने चेतावनी दी है कि यदि पोलियो के वायरस का पूरी तरह से सफ़ाया नहीं किया जाता तो यह फिर फैल सकता है.
उल्लेखनीय है कि मुसलमान लड़कियों के बंध्याकरण के डर से कई मुस्लिम देशों में पोलियो टीकाकरण अभियान पर विपरीत प्रभाव पड़ा है.
फिर लौटा वायरस
डब्लूएचओ कुछ साल पहले पूरी दुनिया को पोलियो से मुक्त करने के क़रीब पहुँच गया था.
बीस साल लंबे अभियान के बाद पोलियो से पीड़ित होने वाले लाखों बच्चों की संख्या पहले हज़ारों तक पहुँची और फिर कुछ सौ तक.
आख़िर में यह स्थिति थी कि पोलियो के वायरस सिर्फ़ भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और नाइजीरिया में बच गए थे.
लेकिन इसके बाद फिर गड़बड़ शुरु हो गई.
कुछ राजनेताओं ने, विशेषकर उत्तरी नाइजीरिया में यह अफ़वाह फ़ैलानी शुरु कर दी कि पोलियो का टीकाकरण कार्यक्रम दरअसल मुसलमान लड़कियों के बंध्याकरण की अमरीकी साज़िश है.
इसके बाद वायरस का प्रकोप फिर लौट आया और फिर कई देशों में फ़ैल गया.
बीबीसी के विज्ञान संवाददाता के अनुसार पिछले तीन सालों में पोलियो के वायरस फिर से 20 देशों में फैल गए हैं.
इसके सऊदी अरब आ जाने के डर से अधिकारियों ने वहाँ हज यात्रियों के लिए टीकाकरण को अनिवार्य कर दिया है.
सऊदी अरब के स्वास्थ्य उपमंत्री ने कहा है कि नाइजीरिया सहित तीनों पोलियो पीडित देशों को पोलियो के टीकाकरण में कोई दिक्क़त नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "सौभाग्य से पोलियो का टीका इतना सस्ता है कि यह नाइजीरिया में हर जगह उपलब्ध है."