बुधवार, 11 अक्तूबर, 2006 को 06:18 GMT तक के समाचार
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि परमाणु बम परीक्षण के दावे के बाद अब उसके खिलाफ़ ऐसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जिनका सामना उसने पहले कभी नहीं किया.
अमरीकी मीडिया के साथ बातचीत में कोडोंलीज़ा राइस ने अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच सीधी बातचीत से साफ़ इनकार कर दिया है.
अमरीका का कहना है कि इस मुद्दे के संदर्भ में रूस और चीन के प्रभाव का इस्तेमाल महत्वपूर्व है.
राइस का ये भी कहना था कि उत्तर कोरिया के सामने बातचीत का रास्ता अब भी खुला है और यदि वह अपना परमाणु कार्यक्रम त्याग देता है तो उसे हर तरह के फ़ायदे मिल सकते हैं.
उधर उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों के अमरीकी प्रस्तावों पर सहमति बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में राजनयिक बुधवार को फिर मिल रहे हैं.
सैन्य कार्रवाई पर मतभेद
दो दिन पहले उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के दावे के बाद इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में राजनयिकों के बीच मतभेद बने हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध लगाए जाने के अमरीकी प्रस्तावों के मसौदे पर विचार कर रही हैं.
चीन और रूस नहीं चाहते कि प्रतिबंधों के उल्लंघन की परिस्थिति में सैन्य कार्रवाई का प्रावधान हो.
अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सातवें अध्याय के अंतरगत 13-सूत्री सुझावों के प्रस्ताव का मसौदा रखा है. इसका मतलब ये है कि इन्हें लागू करना अनिवार्य होगा और अंतत: इन्हें सैन्य कार्रवाई से लागू करवाया जा सकेगा.
जिन प्रतिबंधों पर विचार हो रहा है उनमें उत्तर कोरिया के साथ सैन्य व्यापार बंद करने और उत्तर कोरिया में आने और जाने वाली सब चीज़ो के निरीक्षण के प्रावधान शामिल हैं.