बुधवार, 11 अक्तूबर, 2006 को 15:29 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के दावे को लेकर उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
उन्होंने कहा कि अमरीका परीक्षण के दावे को पुष्टता के बारे में पता कर रहा है.
जॉर्ज बुश ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा कि अमरीका कूटनीति के प्रति वचनबद्ध है हमला करने की उसकी कोई मंशा नहीं है.
उधर जापान में अधिकारियों ने कहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण करने के दावे के बाद उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए जाएँगे.
जापान सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि नए क़दमों के तहत उत्तर कोरिया से आयात पर रोक लगाई जाएगी और जापानी जलसीमा में उत्तर कोरिया के जहाज़ नहीं उतर पाएँगे.
इसके अलावा उत्तर कोरिया के लोग जापान नहीं आ पाएँगे.
उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने का मामला संयुक्त राष्ट्र ले जाने की अमरीका की कोशिशों का भी जापान समर्थन कर रहा है.
जापान ने जो प्रतिबंध लगाए हैं वे शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक के बाद प्रभावी होंगे.
ये प्रतिबंध उन क़दमों के अलावा होंगे जो जुलाई में जापान ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ उठाए थे जब उसने मिसाइल परीक्षण किए थे.
प्रतिबंधों का असर
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि प्रतिबंधों के चलते उत्तर कोरिया से मशरूम जैसे उत्पादों के निर्यात पर असर पड़ेगा.
उत्तर कोरिया और जापान के बीच करीब 18 करोड़ डॉलर का व्यापार होता है. लेकिन बिगड़ते राजनीतिक रिश्तों के चलते व्यापार लगातार घट रहा है.
इस बीच उत्तर कोरिया के दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता ने कहा है कि अगर अमरीका का रवैया ऐसा ही रहा तो और परीक्षण किए जा सकते हैं.
जापानी समाचार एजेंसी क्योदो को दिए एक इंटरव्यू में उत्तर कोरिया के दूसरे नंबर के नेता किम यौंग-नाम ने ये चेतावनी जारी की है.
उधर संयु्क्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस बात पर विचार कर रही है कि उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ क्या क़दम उठाए जाएँ.
उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने सोमवार को परमाणु परीक्षण किया है. केवल रूस ही ऐसा देश है जिसने पुष्टि की है कि ये वाकई परमाणु परीक्षण था.