मंगलवार, 10 अक्तूबर, 2006 को 09:30 GMT तक के समाचार
परमाणु परीक्षण करने के उत्तर कोरिया के दावे को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि वो उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ 'उचित' क़दम उठाए.
उत्तर कोरिया के सहयोगी माने जाने वाली चीन ने संयु्क्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने की बात से इनकार नहीं किया है.
लेकिन साथ ही चीन ने कहा है कि सैनिक कार्रवाई के बारे में 'सोचा भी नहीं जा सकता.'
अब तक चीन उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाए जाने के ख़िलाफ़ रहा है लेकिन अब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण से दोनों देशों के रिश्तों पर 'नकारात्मक' असर पड़ेगा.
पर प्रवक्ता ने ये भी कहा कि चीन उत्तर कोरिया के प्रति दोस्ताना रवैया जारी रखेगा.
'परमाणु हथियार नहीं'
कूटनयिकों का कहना है कि परमाणु परीक्षण करने के दावे को लेकर उत्तर कोरिया और अलग-थलग हो गया है और उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा है.
जबकि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने आशंका जताई है कि उत्तर कोरिया के इस क़दम से दूसरे देशों में परमाणु हथियार जमा करने की होड़ शुरू हो सकती है.
वहीं जापान के नए प्रधानमंत्री सचिव शिंज़ो आबे ने कहा है कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.
जिस समय उत्तर कोरिया ने परीक्षण किया, उस वक़्त जापानी प्रधानमंत्री दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे.
सचिव शिंज़ो आबे ने कहा है कि परमाणु हथियार न रखने की जापान की नीति में बदलाव नहीं आएगा.
शिंज़ो आबे लंबे समय से उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाने की वकालत करते रहे हैं.
उधर संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने कहा है कि अमरीका सैन्य बल के प्रयोग की बात से इनकार नहीं कर रहा लेकिन वो इस समस्या का हल कूटनीति के ज़रिए निकालने की कोशिश कर रहा है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक प्रस्ताव के मसौदे पर काम कर रही है जिसमें उत्तर कोरिया पर आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लगाने की बात की गई है.
विवाद
इस बीच सोमवार को उत्तर कोरिया ने जिस 'सफल परमाणु परीक्षण' का दावा किया था उसकी शक्ति और उसके परमाणु विस्फोट होने या न होने को लेकर बहस छिड़ गई है.
एक तरफ़ जहाँ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के अमरीकी प्रस्ताव पर विचार चल रहा है वहीं विशेषज्ञों के बीच इस बात पर सहमति नहीं है कि उत्तर कोरिया ने जो धमाका किया था वह परमाणु विस्फोट ही था.
अमरीका और नॉर्वे के भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि जो धमाका हुआ था उसकी शक्ति इतनी थी कि उसे रिक्टर पैमाने पर 3.7 आँका गया था.
लेकिन रूस का कहना है कि यह पक्के तौर पर परमाणु विस्फोट ही था और इसकी शक्ति उस अमरीकी परमाणु बम के बराबर थी जिसने जापानी शहर हिरोशिमा को तबाह कर दिया था.
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने सोमवार को किए गए धमाके को एक सफल परमाणु परीक्षण बताया था.