मंगलवार, 10 अक्तूबर, 2006 को 12:52 GMT तक के समाचार
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में सहयोग पर सहमति जताई. दोनों नेताओं ने आपसी बातचीत में यह सहमति व्यक्त की.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यूरोप की अपनी छह दिवसीय यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को लंदन में हैं.
दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की भी निंदा की है.
मनमोहन सिंह ने एक साझा पत्रकार वार्ता में कहा कि उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं के ख़िलाफ़ जाता है और वे बढ़ते परमाणु प्रसार को लेकर चिंतित हैं.
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चरमपंथ के खिलाफ़ लड़ाई में सहयोग करने पर भी सहमति जताई.
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि मनमोहन सिंह परमाणु ईंधन के स्रोतों के बारे में भी बात करेंगे. ये ईंधन शांतिपूर्ण मकसद के लिए भारत की परमाणु परियोजनाओं के लिए चाहिए.
आतंकवाद पर चर्चा
दौरे के तहत वाणिज्य-व्यापार के अलावा अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है जिनमें आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष एक अहम विषय है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि भारत और ब्रिटेन दोनों आतंकवाद का शिकार हैं और ये ज़रूरी है कि दोनों देश मिल कर काम करें.
उन्होंने भारत-ब्रिटेन के अच्छे रिशतों पर खुशी जताई. टोनी ब्लेयर ने कहा कि करीब पाँच लाख भारतीय हर साल ब्रिटेन आते हैं और ब्रिटने भारत में सबसे बड़ा निवेशक है.
भारत के प्रधानमंत्री ने दिल्ली से रवाना होने से पहले कहा था कि दोनों देशों के बीच संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में काफ़ी मज़बूती आई है.
दोनों नेताओं की इस मुलाक़ात में एक अहम सौदे पर भी बात होने की संभावना है.
बताया जा रहा है कि भारतीय कंपनी टाटा ने ब्रिटिश-डच कंपनी कोरस को ख़रीदने के लिए 9.3 अरब डॉलर के भुगतान का प्रस्ताव रखा है.
अगर टाटा और कोरस का सौदा तय हो जाता है तो टाटा स्टील विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी इस्पात कंपनी बन जाएगी.
साथ ही यह किसी भी भारतीय कंपनी की ओर से किसी विदेशी कंपनी को ख़रीदने का सबसे बड़ा सौदा होगा.
यूरोपीय संघ
ब्रिटेन के बाद भारतीय प्रधानमंत्री यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं से मिलने के लिए फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी जाएँगे.
भारत और यूरोपीय संघ के बीच कई व्यापारिक समझौते होने की संभावना है.
भारत ने कहा है कि वह यूरोपीय संघ के देशों के साथ व्यापार बढ़ाने का इच्छुक है लेकिन कई ऐसे जटिल मसले हैं जिन्हें सुलझाने की ज़रूरत है.
भारत के प्रधानमंत्री छह दिन की यूरोप यात्रा पर रवाना हुए हैं और उनके साथ विदेश सचिव शिवशंकर मेनन भी हैं.
इसके अलावा भारतीय प्रधानमंत्री कैंब्रिज भी जाएँगे जहाँ उन्हें डिलिट् की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी.