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मंगलवार, 10 अक्तूबर, 2006 को 03:46 GMT तक के समाचार

परमाणु परीक्षण था या नहीं?

सोमवार को उत्तर कोरिया ने जिस 'सफल परमाणु परीक्षण' का दावा किया था उसकी शक्ति और उसके परमाणु विस्फोट होने या न होने को लेकर बहस छिड़ गई है.

एक तरफ़ जहाँ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के अमरीकी प्रस्ताव पर विचार चल रहा है वहीं विशेषज्ञों के बीच इस बात पर सहमति नहीं है कि उत्तर कोरिया ने जो धमाका किया था वह परमाणु विस्फोट ही था.

अमरीका और नॉर्वे के भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि जो धमाका हुआ था उसकी शक्ति इतनी थी कि उसे रिक्टर पैमाने पर 3.7 आँका गया था.

उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की आलोचना

उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

दूसरी ओर फ्रांसीसी वैज्ञानिक हैं जिनका कहना है कि यह धमाका एक किलोटन या उससे कम शक्ति का था, उनका कहना है कि यह धमाका या तो नाकाम परमाणु परीक्षण था या फिर परंपरागत तरीक़े से किया गया विस्फोट.

लेकिन रूस का कहना है कि यह पक्के तौर पर परमाणु विस्फोट ही था और इसकी शक्ति उस अमरीकी परमाणु बम के बराबर थी जिसने जापानी शहर हिरोशिमा को तबाह कर दिया था.

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने सोमवार को किए गए धमाके को एक सफल परमाणु परीक्षण बताया था.

निंदा

दूसरी ओर, उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को लेकर दुनिया भर के अनेक देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे एक चिंतित करने वाली घटना बताया है.

केवल एक ईरान ही है जिसने कहा है कि उत्तर कोरिया ने सही काम किया है और अमरीका को करारा जवाब दिया है, ईरान का कहना है कि दुनिया में नस्लभेदी परमाणु नीति नहीं चल सकती कि कुछ देशों के पास यह टेक्नॉलॉजी हो और कुछ के पास नहीं.

अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पेश किया है जिसके तहत उत्तर कोरिया पर व्यापक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, उत्तर कोरिया के साथ किए जाने वाले हर व्यापार और लेन-देन की जाँच की जा सकती है और वहाँ आने-जाने वाले सभी सामानों का निरीक्षण किया जा सकता है.

अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के राजदूत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र एक निरर्थक प्रस्ताव पर बहस कर रहा है जबकि उसे उत्तर कोरिया को बधाई देनी चाहिए, उत्तर कोरिया ने अपने वैज्ञानिकों को शाबाशी दी जिन्होंने यह परीक्षण किया.