ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर राज़ी करने में जुटे छह देशों ने ईरान के ख़िलाफ़ संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा करने का फ़ैसला किया है.
इस मसले पर लंदन में विचार विमर्श कर रहे छह देशों के विदेश मंत्रियों ने ये फ़ैसला किया है.
इस बैठक में अमरीका, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी, फ़्रांस और रूस के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया है.
यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना ने इस बैठक में अपनी असफल ईरान यात्रा की बात की, जिसके दौरान उन्होंने ईरान से यूरेनियम संवर्द्धन बंद करने पर चर्चा की थी.
ब्रितानी विदेश मंत्री मारग्रेट बैकेट ने स्पष्ट किया कि ईरान के ख़िलाफ़ किसी ख़ास कदम पर कोई चर्चा फ़िलहाल नहीं हुई है और प्रतिबंध लगाने की भी कोई अवधि निश्चित नहीं की गई है.
बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि अब भी इन छह देशों में तीख़े मतभेद हैं और विशेष तौर पर रूस का ये कहना है कि वह दंडात्मक कार्रवाई नहीं चाहता है.
उनके अनुसार रूस का ये भी मानना है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए.
ईरान कहता आ रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है लेकिन अमरीका ये शक ज़ाहिर करता आया है ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.