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शुक्रवार, 06 अक्तूबर, 2006 को 12:23 GMT तक के समाचार

चंगेज़ ख़ान के नाम का लाइसेंस बनेगा

मंगोलिया ने अपने कालजयी सम्राट चंगेज़ ख़ान की लोकप्रियता को भुनाने के इरादे से उसके नाम को एक व्यावसायिक ब्रांड के रूप में रजिस्टर कराने का बीड़ा उठाया है.

मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में संसद में एक ऐसे क़ानून पर बहस हो रही है जो सरकार को चंगेज़ ख़ान के नाम और उसकी तस्वीर के इस्तेमाल के लिए लाइसेंस शुरू करने का अधिकार देगा.

ग़ौरतलब है कि चंगेज़ ख़ान ने क़रीब 700 साल पहले एक विशाल साम्राज्य स्थापित किया था लेकिन आज के दौर में चंगेज़ ख़ान की तस्वीर वोडका की बोतलों पर अक्सर देखी गई है. उलान बटोर में पेय बनाने वाली कंपनी ने तो अपना नाम ही चंगेज़ ख़ान के नाम पर रखा है.

लेकिन मंगोलिया के लोग चंगेज़ ख़ान के नाम का इस्तेमाल विदेशी कंपनियों द्वारा किए जाने के मामले को लेकर ख़ासे संवेदनशील हैं.

मंगोलिया के एक सांसद का कहना था, "अनेक विदेशी कंपनियाँ चंगेज़ ख़ान के नाम का इस्तेमाल करने के लिए बेहद उत्सुक हैं."

उस सांसद का दावा था कि रूस, चीन और कज़ाख़्स्तान में बहुत से उद्योगपति चंगेज़ ख़ान को अपने यहाँ का निवासी बता रहे हैं.

राष्ट्रीय पहचान

नया क़ानून बनने के बाद मंगोलिया सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह चंगेज़ ख़ान के नाम का इस्तेमाल करने के लिए एक लाइसेंस शुरू करेगी और उसके लिए बाक़ायदा शुल्क लिया जाएगा.

यह क़ानून मंगोलिया के राष्ट्रपति को इस बात की भी इजाज़त देगा कि वह चंगेज़ ख़ान की मौजूदा प्रचलित दस तस्वीरों में से किसी एक को आधिकारिक रूप से चुन सकेंगे और यह परिभाषित करेंगे कि कौन सी संस्थाएँ उस तस्वीर का इस्तेमाल कर सकेंगी.

साम्यवादी शासन के दौरान चंगेज़ ख़ान की तस्वीर बनाना निषिद्ध था लेकिन जब से मंगोलिया रूस की छाया से बाहर आया है तो वहाँ 13वीं सदी के शासक चंगेज़ ख़ान को एक राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक के तौर पर पेश किया जाने लगा है.

मंगोलिया एक तरफ़ रूस और दूसरी तरफ़ चीन है इस तरह वह भोगोलिक रूप से इन दोनों देशों के बीच में है.

मंगोलिया की लगभग 25 लाख की आबादी इस बात को लेकर ख़ासी चिंतित है कि उनके पड़ोसी देश रूस और चीन उसकी राष्ट्रीय प्रतीकों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.