गुरुवार, 05 अक्तूबर, 2006 को 14:23 GMT तक के समाचार
अमरीका ने कहा है कि इसराइल ग़ज़ा पट्टी और मिस्र के बीच सीमा चौकी को रमज़ान के महीने में नियमित अंतराल में खोलने पर सहमत हुआ है.
यह सीमा चौकी लगभग पूरी गर्मियाँ बंद रही है जिसे गुरूवार को फिर से खोला गया और रमज़ान शुरू होने के बाद यह दूसरा मौक़ा था.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका इसराइल के इस क़दम से काफ़ी उत्साहित है.
ग़ज़ा क्षेत्र में दो अन्य सीमा चौकियाँ - करनी और सूफ़ा भी फिर से खोली गई हैं.
ग़ौरतलब है कि कोंडोलीज़ा राइस ने गुरूवार को इसराइल के विदेश और रक्षा मंत्रियों से मुलाक़ात की. इससे पहले वह प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट से मिल चुकी हैं.
इसके अलावा उन्होंने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से अलग से मुलाक़ात की थी और उनके प्रति अमरीकी समर्थन जताते हुए उनके नेतृत्व की प्रशंसा की थी.
कोंडोलीज़ा राइस प्रयास कर रही हैं कि इस बातचीत से फ़लस्तीनी लोगों के लिए गज़ा की सीमा पर प्रतिबंधों को कम किया जा सके जिससे उन्हें मानवीय आधार पर सहयता मिल सके.
कोंडोलीज़ा राइस ने इससे पहले फ़लस्तीनियों की मुश्किलों को दूर करने के लिए ठोस प्रयास करने का आहवान किया था.
राइस ने ग़ज़ा सीमा चौकियाँ खोले जाने का मुद्दा इसराइल में विभिन्न नेताओं के साथ गुरूवार को आख़िरी दौर की बातचीत में भी उठाया था.
इसराइल के रक्षा मंत्री आमिर पेरेट्ज़ ने बाद में स्पष्ट तौर पर कहा कि फ़लस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता पहुँचाए जाने का मुद्दा सीधे तौर पर इसराइली सैनिक गिलाद शालित के अपहरण से जुड़ा है जिसे फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने बंधक बना रखा है.
आमिर पेरेट्ज़ ने कहा कि इसराइल मानवीय सहायता के लिए आने वाले धन के स्थानांतरण पर भी कड़ी नज़र रखेगा ताकि वह धन हमास के हाथों में नहीं पड़े.