उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण करने की घोषणा के बाद अमरीका ने कहा है कि वह परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया को स्वीकार नहीं करेगा.
इस मामले को संभाल रहे अमरीका के वरिष्ठ दूत क्रिस्टोफ़र हिल ने कहा है कि उत्तर कोरिया या तो भविष्य चुन ले या फिर परमाणु हथियार.
उन्होंने कहा, "उत्तर कोरिया दोनों को एक साथ नहीं चुन सकता."
हालांकि क्रिस्टोफ़र हिल ने यह नहीं बताया कि यदि उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण करता है तो अमरीका क्या क़दम उठाएगा.
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में कूटनीतिक रास्तों से यह संदेश उत्तर कोरिया को दिया जा चुका है. लेकिन अब तक उत्तर कोरिया की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.
उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया ने घोषणा की है कि वह परमाणु परीक्षण करने जा रहा है.
उत्तर कोरिया की इस घोषणा की दुनिया के कई हिस्सों में निंदा की गई है.
इसका ताज़ा उदाहरण रूस और दक्षिण कारिया का साझा बयान है जिसमें दोनों देशों ने कहा है कि उन्हें उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्वीकार्य नहीं है.
रणनीति
अमरीका चाहता है कि उसके सहयोगी इस परमाणु परीक्षण के ख़िलाफ़ एक संयुक्त मोर्चा बनाकर विरोध करें.
लेकिन संयुक्त राष्ट्र में इस पर चर्चा अधूरी ही रही.
संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि जॉन बॉल्टन ने कहा है कि अभी इस पर मतभेद हैं.
क्रिस्टोफ़र हिल ने कहा है, "उत्तर कोरिया एक महत्वपूर्ण दोराहे पर आ खड़ा हुआ है जहाँ उसे परमाणु हथियार और अपने भविष्य में से एक को चुनना होगा. वह दोनों को नहीं चुन सकता."
उन्होंन कहा, "मैं इस समय यह बताने की स्थिति में नहीं हूँ कि हम क्या करेंगे लेकिन यह मैं ज़रूर कह सकता हूँ कि हम उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार संपन्न हो जाने का इंतज़ार नहीं करेंगे. यह हमें स्वीकार्य नहीं है."
इस बीच क्रिस्टोफ़र हिल, अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और विदेश उपमंत्री निकोलस बर्न्स एशिया और यूरोप के अधिकारियों के संपर्क में हैं.