सोमवार, 02 अक्तूबर, 2006 को 22:08 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के भारत समर्थित उम्मीदवार शशि थरूर चौथे और अंतिम स्ट्रॉ पोल में दक्षिण कोरिया के बान की मून से पिछड़ गए हैं. इसके बाद उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की है.
स्ट्रॉ पोल के बाद थरूर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' मैंने विदेश मंत्री बान की मून को मतदान के परिणाम के बाद बधाई संदेश भेजा है.''
उनका कहना था,'' यह स्पष्ट है कि बान की मून हमारे अगले महासचिव होंगे और मैं उनका पूरा समर्थन करूँगा.''
मतदान के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बॉल्टन ने कहा कि अब लगभग ये तय हो गया है कि बान ही अगले महासचिव होंगे.
वहीं संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत वांग ग्वांग्या ने कहा कि बान की मून एक उत्तम उम्मीदवार साबित होंगे.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस मतदान में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री बान की मून को सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थाई सदस्यों, अमरीका, चीन, रूस, फ़्रांस और ब्रिटेन का समर्थन हासिल हो गया.
किसी स्थायी सदस्य ने उनकी उम्मीदवारी पर आपत्ति नहीं जताई और उन्हें कुल 14 वोट मिले.
जबकि भारत समर्थित उम्मीदवार शशि थरूर को समर्थन के 10 वोट मिले और तीन सदस्यों ने उनका विरोध किया जिसमें एक स्थायी सदस्य भी शामिल था.
ग़ौरतलब है कि किसी स्थायी सदस्य की आपत्ति के बाद उम्मीदवार का चयन मुश्किल हो जाता है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए आधिकारिक रूप से अंतिम मतदान नौ अक्टबूर को होने की संभावना है जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभी 192 सदस्य देश हिस्सा लेंगे.
मून चमके
बीबीसी संवाददाता क्रिस मौरिस का कहना है कि यदि कोई बहुत उलटफेर नहीं होता है तो बान की मून अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव होंगे.
दक्षिण कोरिया के बान की मून 62 साल के हैं और पेश से राजनयिक हैं.
इससे पहले हुए स्ट्रॉ पोल में भारत समर्थित उम्मीदवार शशि थरूर दूसरे नंबर पर रहे थे.
दरअसल स्ट्रॉ पोल ज़रिए ये कोशिश की जाती है कि चयन के लिए कम उम्मीदवार हों. जिनको ये लगता है कि उनके महासचिव बनने की उम्मीद कम है, वो पहले ही अपना नाम वापस ले लेते हैं.
स्ट्रॉ पोल्स के ज़रिए ऐसी सूची बनाई जाती है जिसमें ऐसे उम्मीदवार बचते हैं जो महासचिव बनने के लायक होते हैं.