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रविवार, 01 अक्तूबर, 2006 को 21:38 GMT तक के समाचार

पुतिन की जॉर्जिया पर तीखी प्रतिक्रिया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जॉर्जिया में चार रूसी सैन्य अधिकारियों को जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

राष्ट्रपति पुतिन ने इसे 'आतंकवादी और बंधक बनाने की कार्रवाई' बताया. उन्होंने यह बात सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद कही.

उनका कहना था कि जॉर्जिया रूस को विदेशी प्रायोजकों की मदद से भड़काने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने वहाँ के नेताओं की तुलना स्टालिन से की.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रूस का अपने पड़ोसी देश जॉर्जिया के साथ यह अब तक का सबसे गंभीर विवाद है.

सार्वजनिक रूप से दिए अपने वक्तव्य में पुतिन ने इन गिरफ़्तारियों को स्टालिन के वक्त होनेवाली गिरफ़्तारियों जैसा बताया.

उन्होंने टीवी पर कहा,'' वे रूस को भड़काने के लिए जले पर नमक छिड़कना चाहते हैं. वे समझते हैं कि विदेशी प्रायोजकों की छत्र छाया में वे सुरक्षित हैं. क्या हकीकत में ऐसा है?''

उन्होंने इन गिरफ़्तारियों की आलोचना की और इसे 'आतंकवादी' कार्रवाई बताया.

विवाद

दरअसल बुधवार को चार रूसी अधिकारियों को जॉर्जिया ने हिरासत में ले लिया था और शुक्रवार को उन पर जासूसी के आरोप लगा कर दो महीने तक बंद रखने के आदेश दे दिए थे.

रूस ने जॉर्जिया से अपने से राजदूत और कुछ अन्य स्टाफ को वापस बुला लिया है.

शनिवार को रूस ने घोषणा कर दी कि वह जॉर्जिया से अपनी सेना हटाने के कार्यक्रम को स्थगित कर रहा है. ग़ौरतलब है कि 2008 के अंत तक सेनाओं की वापसी हो जानी चाहिए.

जॉर्जिया के विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश रूस से उम्मीद करता है कि वह सेना वापसी के समझौते का सम्मान करेगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि रूस जॉर्जिया के लोगों को धमका रहा है.

इधर रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से जॉर्जिया पर अंकुश लगाने का अनुरोध किया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हाल में रूस और जॉर्जिया के संबंध खराब हुए हैं क्योंकि जॉर्जिया ने पश्चिमी सैन्य संगठन नेटो के साथ नज़दीकी रिश्ते रखने का फ़ैसला किया है.