मंगलवार, 26 सितंबर, 2006 को 15:51 GMT तक के समाचार
रेणु अगाल
बीबीसी संवाददाता
छह साल से रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे नीतेश कुमार सिंह के परिवार के लोगों का सपना बहुत ही दुखद तरीक़े से चकनाचूर हो गया.
रविवार की रात कुछ अज्ञात लोगों ने नीतेश की छुरा मारकर हत्या कर दी.
झारखंड के बोकारो शहर से रूस गए नीतेश रात को कुछ खाने-पीने का सामान खरीद अपने हॉस्टल वापस लौट ले रहे थे.
नीतेश के शरीर पर छुरे के सात निशान पाए गए. उन्होंने रात को अस्पताल जाते वक़्त ही दम तोड़ दिया.
सेंट पीटर्सबर्ग में हुए इस हमले को एक नस्लवादी हमला माना जा रहा है और पुलिस मामले की तहक़ीकात कर रही है.
सेंट पीटर्सबर्ग में भारत की वाणिज्य दूत जोर्डाना पॉवेल ने कहा, "अभी यह कहना मुश्किल है कि ये कोई गुंडागर्दी की घटना है या नस्लवादी हमला. पुलिस मामले की जाँच कर रही है."
लाश
अभी शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है. शव को पोस्टमार्टम के बाद कोलकाता भेज दिया जाएगा.
नीतेश के घर वालों ने अपना बच्चा तो पहले ही खो दिया, अब शव के भारत आने में हो रही देरी से परिवार की पीड़ा बढ़ती जा रही है.
नीतेश के भाई सीतेश का कहना है, "लाश को जल्द से जल्द भारत भेज दिया जाना चाहिए. अगर इस तरह की घटनाएँ होती रहीं तो कौन अपने बच्चे को रूस भेजेगा."
पिछले 14 वर्ष से रूस में व्यापार कर रहे अंजनी दास का कहना है, "यह कोई पहली घटना नहीं है, इस तरह के हमले रूस में लंबे समय से होते रहे हैं. सेंट पीटर्सबर्ग इस तरह की घटनाओं का मुख्य केंद्र बन गया है. इसका एक कारण बाहर से आए लोगों की समृद्धि से पैदा हुई जलन है."
इस घटना को भारत सरकार ने गंभीरता से लिया है. भारत की वाणिज्य दूत सेंट पीटर्सबर्ग में भारतीय लोगों पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त करने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग की गवर्नर से मिलने जा रही हैं.