मंगलवार, 26 सितंबर, 2006 को 00:27 GMT तक के समाचार
रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर सेंट पीटर्सबर्ग में एक भारतीय छात्र पर हमला करके उसकी हत्या कर दी गई है.
सेंट पीटर्सबर्ग में पिछले कुछ समय में विदेशियों पर हुए हमलों की कड़ी में यह ताज़ा हमला है. पुलिस को संदेह है कि भारतीय छात्र नीतेश कुमार सिंह पर हमला नस्लभेद के चलते किया गया था.
छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उन्हें सुरक्षा मुहैया करने में विफल रहा है.
नीतेश कुमार सिंह पर जब हमला किया गया तो उसके कई साथी मदद के लिए आगे आए और उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इस घटना से नाराज़ छात्रों में से एक का कहना है, "यदि यहाँ की सरकार, अदालत और पुलिस विदेशी छात्रों को सुरक्षा दे पाने में असमर्थ है तो उन्हें चाहिए कि विदेशियो को रूस आने की अनुमति न दें."
वहीं एक अन्य छात्र का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने का जो वादा किया गया था उसे पूरा नहीं किया गया है.
उन्होंने कहा, "पहले जो हमले हुए उसके बाद कहा गया था कि कुछ महीनों में क्लोज़ सर्किट कैमरे लगाए जाएँगे और संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश की उचित व्यवस्था होगी लेकिन पाँच महीने हो चुके है और कुछ नहीं हुआ है."
चिंता
रूस में बढ़ती नस्लभेद पर आधारित हिंसा को मानवाधिकार संगठन एक बड़ी समस्या के रूप में देख रहे है.
मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेंक्ज़ेडर विनीकोफ़ कहते है कि अब समय आ गया है कि इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं.
उन्होंने कहा, "योजनाबद्ध तरीके से काम किए जाने की ज़रूरत है.आवश्यकता इस बात की है कुछ गुटों को नहीं बल्कि समस्या को जड़ से नष्ट किया जाए. प्रशासनिक अधिकारियों को सोचना चाहिए कि इस तरह की घटनाओं से देश की छवि को नुक़सान हो रहा है."
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने इस समस्या से निपटने के आदेश पुलिस को दिए है लेकिन इसके बावजूद विदेशी छात्रों का मानना है कि उनकी सुरक्षा के लिए अभी तक पर्याप्त क़दम नहीं उठाए गए है.