सोमवार, 25 सितंबर, 2006 को 10:38 GMT तक के समाचार
चीन में सरकारी मीडिया के अनुसार शंघाई में कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को भ्रष्ट्राचार के आरोप में उनके पद से बर्ख़ास्त कर दिया गया है.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक पार्टी के महासचिव चेन लिआंगयू को शहर के पेंशन फ़ंड के इस्तेमाल में अनियमितता के चलते हटाया गया है.
एजेंसी के मुताबिक उन्हें पार्टी के नेतृत्व परिषद यानी पोलितब्यूरो से भी निलंबित कर दिया गया है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चेन को हटाने का क़दम चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने पार्टी और देश पर अपनी पकड़ मज़बूत करने के क़दमों के तहत उठाया है.
कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों का पद से बहुत कम ही हटाया जाता है.
2002 में हू जिंताओ के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद से पद से हटाए जाने वाले चेन सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं.
सरकारी जाँच के तहत शंघाई में करीब 10 अरब यूआन के एक तिहाई हिस्से के कथित दुरुपोयग के मामले की छानबीन की गई थी.
इस धनराशि का इस्तेमाल कथित तौर पर ग़ैरक़ानूनी तरीके से लोन देने और रियल इस्टेट में निवेश करने में किया गया है.
खींचतान
शिन्हुआ के मुताबिक 60 वर्षीय चेन लिआंगयू पर आरोप है कि उन्होंने कई कंपनियों और अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुँचाया. साथ ही ऐसे लोगों को बचाया जिन्होंने क़ानून को तोड़ा है.
ये सब बातें जुलाई में सामने आईं और उसके बाद से कई अधिकारियों और व्यापारियों से पूछताछ हो चुकी है.
चेन लिआंगयू को पद से उस समय हटाया गया है जब कम्युनिस्ट पार्टी कॉंग्रेस होने वाली है. माना जा रहा है कि इस कॉंग्रेस में हू जिंताओ अपनी स्थिति और मज़बूत करेंगे.
अब तक शंघाई को ऐसे अधिकारियों का गढ़ माना जाता रहा है जो चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग झेमिन के प्रति वफ़ादार रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जियांग झेमिन और हू जिंताओ के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चलती रही है.
इससे पहले पोलितब्यूरो के किसी सदस्य को 90 के दशक में हटाया गया था और उन्हें 16 साल की जेल की सज़ा हुई थी.