शनिवार, 23 सितंबर, 2006 को 16:44 GMT तक के समाचार
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने इराक़ियों से अपील की है कि रमज़ान के पवित्र महीने में वे अपने मतभेद भुलाकर राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करें.
इसी अपील के साथ ख़बर आई है कि इराक़ के राजनीतिक दलों के बीच इराक़ में विवादास्पद संघीय ढ़ांचे के मुद्दे पर आगे बढ़ने के रास्ते पर सहमति बन गई है.
उनका कहना है कि इस बारे में विधेयक के मसौदे को मंगलवार को संसद के सामने रखा जाएगा. लेकिन यदि किसी विधेयक को मंज़ूरी मिलती भी है तो वह 18 महीने के बाद ही लागू होगा.
'राजनीतिक अखाड़ा'
प्रधानमंत्री मलिकी का कहना था कि इराक़ी या तो भाइयों की तरह मिलकर रह सकते हैं या फिर अपने देश को राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने के अखाड़े के रूप में तबदील होता देख सकते हैं.
उनका बयान बग़दाद के शिया इलाक़े में 35 लोगों के एक बम धमाके में मारे जाने के एक दिन बाद आया है.
ये धमाका इराक़ के सुन्नी समाज के लिए रमज़ान के पहले दिन हुआ.
देश के शिया समुदाय के धार्मिक नेताओं का कहना है कि रमज़ान सोमवार से शुरु होगा.
सुन्नियों की शर्त
उधर इराक़ में राजनीतिक दलों के बीच जिस विधेयक को अपनाने के रास्ते पर सहमति बनी है उसकी अगुआई शिया नेता कर रहे हैं.
सुन्नी नेताओं ने चिंता जताई है कि संघीय ढांचे से इराक़ का विभाजन हो सकता है और उन्हें इराक़ के तेल के कुओं से हाथ धोना पड़ेगा.
वे इराक़ की संसद में इस विधेयक पर बहस करने के लिए इसी शर्त पर सहमत हैं कि शिया गुट संविधान में संशोधन के लिए संसदीय समिति के गठन के लिए राज़ी हों.