गुरुवार, 21 सितंबर, 2006 को 14:21 GMT तक के समाचार
जॉर्डन की एक अदालत ने एक नाकाम इराक़ी आत्मघाती हमलावर महिला साजिदा को नवंबर 2005 में राजधानी अम्मान के एक होटल में हुए बम विस्फोटों में शामिल होने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई है.
अदालत ने छह अन्य लोगों को भी फाँसी के ज़रिए मौत की सज़ा सुनाई है जिन पर उम बम धमाकों में शामिल होने का आरोप है. लेकिन इन छह लोगों को यह सज़ा उनकी ग़ैरहाज़िरी में सुनाई गई.
जॉर्डन के टेलीविज़न पर पुलिस की वह फ़िल्म दिखाई गई है जिसमें साजिदा मुबारक अल रिशावी यह कहते हुए दिखाया गया है कि नौ नवंबर 2005 को हुए उन बम धमाकों में वह भी शामिल थी लेकिन उसने यह भी कहा कि उसकी विस्फोटक पट्टी में धमाका नहीं हुआ था.
बाद में इस महिला ने कहा था कि उसका बयान दबाव में लिया गया और उसने ख़ुद को बेक़सूर बताया.
उन बम धमाकों की ज़िम्मेदारी इराक़ में कथित तौर पर तत्कालीन अल क़ायदा नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी ने ली थी. ज़रक़ावी साल 2006 के आरंभ में एक अमरीकी अभियान में मारे गए थे.
जॉर्डन के न्यायालय ने एक वक्तव्य जारी करके कहा कि साजिदा अर रिशावी और छह अन्य लोग शक-ओ-शुबह से दूर दोषी पाए गए हैं. जॉर्डन के इतिहास में वो बम धमाके सबसे भीषण बताए गए हैं जिनमें लगभग साठ लोगों की जान गई थी.
मुक़दमे के दौरान साजिदा के वकील ने कहा कि उसका ख़ुद को मारने का कोई इरादा नहीं था और उसने अपनी बेल्ट में बांधे गए विस्फोटकों में धमाका करने की कोशिश भी नहीं की थी.
साजिदा से बरामद विस्फोटकों की फ़ोरेंसिक जाँच करने वाले विशेषज्ञों ने अदालत को बताया कि उसकी बेल्ट की विस्फोटक सामग्री में धमाका करने के उपकरण जाम हो गए थे.
'बदले का हमला'
संवाददाताओं का कहना है कि उन बम धमाकों ने जॉर्डन को हिलाकर रख दिया था. जॉर्डन को काफ़ी हलचल वाले मध्य पूर्व क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से शांत और स्थिर देश कहा जाता है.
नवंबर 2005 में जॉर्डन की राजधानी अम्मान के तीन पाँच सितारा होटलों में एक साथ बम धमाके हुए थे जिनमें मारे गए लगभग 60 लोगों में ज़्यादातर महिलाएँ और बच्चे थे.
कहा जाता है कि साजिदा रिशावी का शौहर अली हुसैन अली अल शमारी इराक़ी हमलावरों के एक गुट का मुखिया था. उसी गुट ने तीन होटलों में वे बम धमाके किए थे.
साजिदा के वकील ने कहा कि उसके शौहर ने साजिदा को रैडीसन होटल में जाकर हमला करने के लिए मजबूर किया था जहाँ एक विवाह समारोह के लिए भारी संख्या में लोग एकत्र थे.
रिशावी और शमारी की उन हमलों से कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी और साजिदा का कहना है कि दोनों के बीच शादी स्थापित नहीं हुई थी.
जॉर्डन को अमरीका का निकट सहयोगी देश माना जाता है. कहा जाता है कि पश्चिमी इराक़ में अमरीकी सेना के अभियानों का बदला लेने की कार्रवाई के तहत जॉर्डन के होटलों में बम हमले किए गए होंगे.