बुधवार, 20 सितंबर, 2006 को 17:16 GMT तक के समाचार
थाईलैंड नरेश ने सरकार का तख़्तापलट करने वाले सैन्य गुट के मुखिया जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन को अपना समर्थन दिया है.
इस आशय का बयान सरकारी टेलीविज़न पर प्रसारित किया गया है.
राजा भूमिबल अदुल्यदेज को खुद कुछ बोलते हुए नहीं दिखाया गया है लेकिन उनके नाम से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने जनरल सोन्थी को कार्यपालिका का प्रमुख (प्रधानमंत्री) नियुक्त कर दिया है.
इस बीच अमरीका ने चिनवाट सरकार का तख्तापलट करने की निंदा करते हुए वहाँ ज़ल्द से ज़ल्द लोकतंत्र की बहाली का आह्वान किया है.
थाईलैंड में सरकार का तख़्तापलट करने वाले सैन्य गुट के मुखिया जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने कहा है कि एक पखवाड़े के भीतर नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया जाएगा और उसके बाद सेना सत्ता से हट जाएगी.
इस बीच अपदस्थ प्रधानमंत्री टाकसिन चिनावाट बुधवार शाम को लंदन पहुँच गए हैं. उनका यह दौरा निजी बताया गया है और इस दौरान उनका कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है.
बताया गया है कि ब्रिटेन में उनका एक घर है और वह पर्यटक वीज़ा पर ब्रिटेन में कई महीनों तक रह सकते हैं.
उधर जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि तब तक वह ख़ुद ही देश के प्रधानमंत्री के रूप में काम करेंगे.
तख़्तापलट के एक दिन बाद बुधवार को भी राजधानी बैंकाक में महत्वपूर्ण इमारतों के आसपास अभी सेना के टैंक तैनात हैं. हालाँकि शहर में शांति बनी हुई है और लोग अपना रोज़मर्रा का कामकाज सामान्य तरीके से ही कर रहे हैं.
जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने बुधवार शाम को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह थाईलैंड के लोगों की इच्छाओं के अनुरूप काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार में कुप्रबंधन की वजह से ही सेना को यह क़दम उठाना पड़ा है.
एक पखवाड़ा
जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने इन ख़बरों का खंडन किया कि सेना सत्ता पर स्थाई रूप से क़ब्ज़ा बनाना चाहती है.
उन्होंने इस बारे में एक समय सीमा बताकर कुछ आश्वासन देने की कोशिश भी की.
जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने कहा, "हमारे पास दो सप्ताह हैं. दो सप्ताह के बाद हम सत्ता से हट जाएंगे."
जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने कहा कि तख़्तापलट करने वाले सैनिक नेता नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने के लिए उपयुक्त नामों पर विचार कर रहे हैं जो एक साल के भीतर नए चुनाव होने तक सरकार का मुखिया होगा.
उन्होंने कहा कि इस बीच एक नई राष्ट्रीय एसेंबली का गठन किया जाएगा जो एक नया और स्थायी संविधान लिखेगी.
जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने कहा, "प्रिय देशवासियो, श्रीमान टाकसिन चिनवाट अगर स्वदेश वापिस आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा" लेकिन उन्होंने आगाह भी किया कि चिनवाट को भ्रष्टाचार के आरोपों में आपराधिक मुक़दमे का भी सामना करना पड़ सकता है.
इससे पहले जनरल सोन्थी बून्यारातग्लिन ने कहा था कि सेना ने अपदस्थ किए गए प्रधानमंत्री टाकसिन चिनावाट के नेतृत्व की वजह से पैदा हुए गहरे मतभेदों के माहौल में राष्ट्रीय सदभाव पैदा करने के इरादे से यह क़दम उठाया है.
अपदस्थ प्रधानमंत्री टाकसिन चिनावाट पर आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग किया है और राजनीतिक मतभेद सुलझाने के लिए तुरंत चुनाव कराए थे लेकिन चुनाव नतीजों को रद्द कर दिया गया था और दो महीने के भीतर फिर से चुनाव कराने की बात कही गई थी.
टाकसिन चिनावाट मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में थे और उनकी अनुपस्थिति में ही उनकी सरकार का तख़्तापलट कर दिया गया था.
तख्तापलट करने वाले सेना के गुट के नेता ने टेलीविज़न पर दिए गए राष्ट्र के नाम संदेश में कहा है कि कई महीनों की राजनीतिक अस्थिरता के बाद देश की एकजुटता बनाए रखने के लिए ऐसा करना ज़रुरी था.
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की रात वहाँ सेना के एक गुट ने पूरे देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया.
इस बीच बैंकॉक की सड़को पर सेना के टैंक और बख़्तरबंद गाड़ियाँ नज़र आ रही हैं. सभी सरकारी इमारतों पर सैनिकों का क़ब्ज़ा दिखाई दे रहा है.
इस बीच सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि सेना प्रमुखों ने थाईलैंड नरेश भूमिबल अदुल्यदेज से मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विचार विमर्श किया है.
सेना के प्रमुख बून्यारातग्लिन ने कहा है कि जितनी जल्दी संभव होगा जनता को सत्ता वापस कर दी जाएगी.
प्रतिक्रिया
थाईलैंड में हुए इस सैन्य विद्रोह और तख़्तापलट की दुनिया भर में व्यापक प्रतिक्रिया हुई है और इस पर चिंता ज़ाहिर की गई है.
अमरीका के राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने थाईलैंड में सैन्य बग़ावत पर चिंता व्यक्त की है.
प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका मुक्त व्यापार समझौते पर तभी आगे बढ़ेगा जब थाईलैंड में लोकतंत्र बहाल हो जाएगा.
थाईलैंड के पड़ोसी मलेशिया ने, जो इस समय आसियान देशों का मुखिया भी है, कहा है कि वहाँ जितनी जल्दी हो सके, लोकतंत्र की बहाली करनी चाहिए.
अमरीकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह स्थिति पर नज़र रखे हुए है लेकिन अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी.
ऑस्ट्रेलिया ने इस तख़्तापलट पर खेद जताया है.
न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क ने ग़ैर-प्रजातांत्रिक ढंग से सरकार को हटाए जाने की निंदा की है.
जबकि यूरोपीय संघ ने कहा है कि जितनी जल्दी हो सके, थाईलैंड में लोकतंत्र की बहाली होनी चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि वे लोकतांत्रिक ढंग से सरकार बदले जाने के पक्ष में हैं न कि बंदूक की नोक पर.