बुधवार, 20 सितंबर, 2006 को 01:54 GMT तक के समाचार
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने अमरीका और ब्रिटेन पर आरोप लगाया है कि वे अपना हित साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि इन दोनों देशों ने सुरक्षा परिषद का उपयोग अपनी सुरक्षा के लिए किया.
उनका आरोप है कि जब भी इन दोनों की किसी देश से असहमति हुई, उसे सुरक्षा परिषद में घसीट लिया, जहाँ वे वे ख़ुद वकील, जज और जूरी तीनों हैं.
उल्लेखनीय है कि अमरीका और ब्रिटेन, सुरक्षा परिषद के पाँच सदस्यों में से एक हैं और दोनों के पास वीटो पॉवर है.
इसके अलावा चीन, फ़्रांस और रूस सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं.
अहमदीनेजाद ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सही ठहराते हुए एक बार फिर दोहराया है कि यह शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.
उन्होंने परमाणु हथियार से लैस और पहले इसका उपयोग कर चुके ऐसे देशों को भी आड़े हाथों लिया जो ईरान की निंदा कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि अमरीका सहित कुछ पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में जुटा हुआ है.
इस मामले को सुरक्षा परिषद के सामने भी लाया जा चुका है.
ईरान इस आरोप से इनकार करता रहा है और उसका कहना है कि परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए हैं.