बुधवार, 20 सितंबर, 2006 को 09:40 GMT तक के समाचार
थाईलैंड के उत्तरी शहर चियांग माई में जन्मे टकसिन चिनावाट ने अपना करियर एक पुलिस अधिकारी के रूप में शुरू किया था.
1973 में उन्हें अमरीका में क्रिमिनल जस्टिस की पढ़ाई के लिए सरकारी छात्रवृति मिली. अमरीका से लौटने के बाद उन्होंने अपना व्यापार शुरू किया और और 1980 के दशक में दूरसंचार उद्योग में बहुत उन्नति की.
1998 में उन्होंने अपनी थाई राक थाई पार्टी की नींव रखी और आगे चलकर इसी पार्टी ने थाईलैंड की राजनीति की दिशा ही बदल दी.
वर्ष 2001 में डेमोक्रेट पार्टी को हराकर चिनावाट भारी बहुमत से सत्ता में आए. ग़रीब मतदाताओं को उनकी सस्ती चिकित्सा और कर्ज़ से छुटकारा संबंधी प्रस्ताव बहुत पसंद आए.
उधर बड़े उद्योगों को भी उनकी सीईओ की शैली में सरकार चलाने का तरीक़ा बेहद पसंद आया. जिससे 1990 में एशिया में वित्तीय संकट के समय थाईलैंड की अर्थव्यवस्था में एक नयी तेज़ी देखने को मिली.
सराहना
दो साल पहले सूनामी से हुई तबाही के दौरान राहत कार्यो में मुस्तैदी के लिए उन्हें काफ़ी सराहना मिली. लेकिन ऐसा नहीं है कि सब कुछ इतना आसान रहा हो.
बर्ड फ़्लू फैलने की ख़बर को दबाने के लिए उनकी सरकार को काफ़ी आलोचना का सामना भी करना पडा. साथ ही समय-समय पर अपराध से निपटने के लिए उनके तरीक़ों की आलोचना होती रही है.
वर्ष 2003 में टकसिन चिनावाट के आदेश पर नशीली दवाओं पर रोक के लिए हुई कार्रवाई में ढाई हज़ार लोगों की मौत हो गई.
इससे पहले अपनी वास्तविक संपत्ति की घोषणा न करने के कारण उन पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा. लेकिन इन सबके बावजूद उनका जन-समर्थन कम नहीं हुआ.
दक्षिण में भड़की हिंसा को रोकने के लिए सरकार के क़दमों की तीखी आलोचना के स्वर भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सके. हर बार टकसिन चिनावाट बड़े-बड़े तूफ़ान से साफ बच निकले और थाईलैंड के गाँवों के बीच उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई.
लेकिन इस बार न्यूयॉर्क दौरे पर गए चिनावाट को सैनिक विद्रोह का सामना करना पड़ा और सेना के एक गुट ने देश पर अपना नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है.