मंगलवार, 19 सितंबर, 2006 को 04:45 GMT तक के समाचार
जापान उत्तर कोरिया के ऊपर और आर्थिक प्रतिबंध लगाने जा रहा है, ये प्रतिबंध जुलाई में किए गए मिसाइल परीक्षण की प्रतिक्रिया में लगाए जा रहे हैं.
नए आर्थिक प्रतिबंधों के तहत उन सभी उत्तर कोरियाई संगठनों से लेन-देन पर रोक लग जाएगी जिन पर मिसाइल परीक्षण में शामिल होने का संदेह है.
इसका सीधा असर कम से कम 20 कंपनियों पर पड़ेगा जिनका कारोबार उत्तर कोरिया में है और जिनकी संपत्ति वहाँ है.
जुलाई में ही संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया को मिसाइलों से संबंधित कोई जानकारी, सामग्री या मदद देने पर रोक लगा दी थी.
बीबीसी के टोक्यो स्थित संवाददाता का कहना है कि जापान ने ये प्रतिबंध तो लगा दिए हैं लेकिन उत्तर कोरिया पर ख़ासा असर रखने वाले कई देश ऐसा क़दम उठाने से हिचक रहे हैं, मिसाल के तौर पर चीन और दक्षिण कोरिया.
दक्षिण कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अपील की है कि उत्तर कोरिया को अलग-थलग न किया जाए.
परीक्षण
उत्तर कोरिया ने जुलाई महीने के शुरू में कई मिसाइलों का परीक्षण किया था जिसमें से ताइपोदोंग-2 मिसाइल भी थी जिसकी मारक क्षमता अमरीका तक है लेकिन यह परीक्षण नाकाम रहा था.
इसके बाद अमरीका और जापान जैसे देशों ने उत्तर कोरिया की कड़ी आलोचना की थी और उसके ख़िलाफ़ कई प्रतिबंधों की घोषणा की गई थी.
उत्तर कोरिया का कहना रहा है कि वह अपने रक्षा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है और वह किसी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है.
माना जा रहा है कि जापान के इन ताज़ा आर्थिक प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया और अलग-थलग पड़ सकता है.